
Odisha ओडिशा: धारुआडीही इलाके में 10 जून की रात मोतीलाल बिस्वास द्वारा संचालित एक क्लिनिक में हुई हथियारबंद लूट के छह घंटे के भीतर सुंदरगढ़ पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पिस्तौल की नोक पर क्लिनिक के मालिक को धमकाकर लगभग 1.10 लाख रुपये, दो मोटरसाइकिल और मोबाइल फ़ोन लूट कर ले गए थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ त्वरित और सघन कार्रवाई करते हुए घटना को अंजाम देने वाले सभी आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की।
सुंदरगढ़ पुलिस अधीक्षक अमृतपाल कौर ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपियों ने इलाज कराने के बहाने क्लिनिक में प्रवेश किया और बाद में बंदूक की नोक पर कैश और अन्य कीमती सामान लूट लिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए, ज़िला पुलिस ने एसपी की सीधी देखरेख में आरोपियों की तुरंत तलाश शुरू की और छह घंटे के भीतर सभी आरोपियों को पकड़ लिया।
गिरफ़्तार किए गए आरोपियों की पहचान संबलपुर ज़िले के रेंगाली पुलिस क्षेत्र के बाबूचकली निवासी प्रशांत किसान (28), संजीव ओराम (26), अनिल ओराम (20), बुरला पुलिस स्टेशन के अंतर्गत शक्तिनगर निवासी प्रकाश सुना (26), सुंदरगढ़ के लंकाहुडा निवासी सूरज ओराम (21) और धारुआडीही निवासी लेडा मुंडा (29) के रूप में की गई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटे गए कैश, मोटरसाइकिल और मोबाइल फ़ोन बरामद किए हैं।
पुलिस अधीक्षक अमृतपाल कौर ने कहा कि यह कार्रवाई पुलिस की तत्परता और अपराध रोकने की क्षमता का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं, क्लिनिक के मालिक मोतीलाल बिस्वास ने पुलिस की तेज़ कार्रवाई की सराहना की और कहा कि उनके जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिकता है।
सुंदरगढ़ पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने स्थानीय लोगों से भी संपर्क किया और उनकी मदद से अपराध को अंजाम देने की योजना बनाई थी। हालांकि पुलिस ने घटनास्थल से संदेहास्पद वस्तुओं और सबूत इकट्ठा कर मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
यह घटना स्थानीय समुदाय में चिंता और डर फैलाने वाली थी, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से इलाके में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित थाने को दें।
इस मामले में जल्द ही आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि ऐसा कड़ा संदेश भेजा गया है कि हथियारबंद अपराध और लूट-धन के मामले में कोई भी बच नहीं सकता।





