ओडिशा

मिशन शक्ति कार्यक्रम में 2.88 लाख SHG को सब्सिडी व फंड सहायता

Kavita2
24 Jun 2026 3:10 PM IST
मिशन शक्ति कार्यक्रम में 2.88 लाख SHG को सब्सिडी व फंड सहायता
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Odisha ओडिशा: भुवनेश्वर स्थित मिशन शक्ति भवन में बुधवार को राज्य-स्तरीय ‘सुभद्रा शक्ति विज़न समिट’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन मिशन शक्ति विभाग की ओर से किया गया, जिसमें राज्य भर के सभी 30 जिलों से जिला-स्तरीय फेडरेशन (DLF) के लगभग 330 कार्यकारी समिति सदस्य शामिल हुए।

कार्यक्रम में उप-मुख्यमंत्री और महिला एवं बाल विकास, मिशन शक्ति तथा पर्यटन मंत्री प्रवति परिदा मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। इस अवसर पर उन्होंने राज्य के स्वयं सहायता समूहों (SHG) को बड़ी वित्तीय सहायता जारी की।

सरकारी जानकारी के अनुसार, राज्य के कुल 2,88,198 स्वयं सहायता समूहों को ब्याज सब्सिडी के रूप में 147.76 करोड़ रुपये जारी किए गए। यह सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उनकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दी गई है।

इसके अलावा, कार्यक्रम के तहत 26 जिलों के 23,536 SHG को रिवॉल्विंग फंड (RF) के रूप में 45.71 करोड़ रुपये प्रदान किए गए। इस दौरान खुर्दा जिले के ‘माँ मंगला SHG’ और ‘श्रीराम SHG’ के प्रतिनिधियों को उप-मुख्यमंत्री द्वारा 30,000-30,000 रुपये के चेक सौंपे गए।

इसी क्रम में 27 जिलों के 624 ग्राम पंचायत स्तरीय फेडरेशन (GPLF) को कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (CIF) के तहत 189.57 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। पुरी जिले के ‘अभयमुखी GPLF’ और ‘गुआलीपाड़ा GPLF’ के प्रतिनिधियों को मंच से 35-35 लाख रुपये के चेक प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में 15 जिलों के 656 एरिया स्तरीय फेडरेशन (ALF) को वल्नरेबिलिटी रिडक्शन फंड (VRF) के तहत 9.64 करोड़ रुपये की सहायता भी दी गई। जाजपुर जिले के ‘रामपुर ALF’ और ‘जहना ALF’ के प्रतिनिधियों को 1.50-1.50 लाख रुपये के चेक सौंपे गए।

इस समिट का उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाना और उन्हें स्वरोजगार तथा सामुदायिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाना है। सरकार का मानना है कि इस तरह की योजनाओं से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान कई जिलों से आए प्रतिनिधियों ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि इन योजनाओं से उनके समूहों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है तथा रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।

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