
भुवनेश्वर: ओडिशा सरकार ने खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। राज्य सरकार ने विधानसभा में जानकारी दी है कि पिछले दो वर्षों में खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत मिलावट से जुड़े 431 मामले दर्ज किए गए हैं।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग ने विधानसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए लगातार जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।
विधानसभा में दी गई जानकारी
चौद्वार-कटक के विधायक सौविक बिस्वाल के सवाल के जवाब में मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग ने खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कार्रवाई का विवरण सदन में रखा।
उन्होंने बताया कि सरकार ने खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए विशेष अभियान चलाए हैं। खासतौर पर पनीर और छेना जैसे दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता जांचने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
पनीर और छेना की जांच के लिए 18 अभियान
मंत्री ने बताया कि राज्यभर में पनीर और छेना में मिलावट की जांच के लिए 18 विशेष अभियान चलाए गए हैं।
इन अभियानों के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर जांच की और खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। जहां नियमों का उल्लंघन पाया गया, वहां कार्रवाई की गई।
कटक में 71 क्विंटल पनीर नष्ट
जांच अभियान के दौरान कटक जिले में बड़ी कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने नियमों का उल्लंघन पाए जाने के बाद करीब 71 क्विंटल पनीर नष्ट कर दिया।
अधिकारियों का कहना है कि लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नियाली में दर्ज हुई FIR
मंत्री ने बताया कि नियाली क्षेत्र में की गई एक अन्य कार्रवाई के दौरान कथित मिलावटखोरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 275, 318 और 435 के तहत FIR दर्ज की गई।
सरकार का कहना है कि खाद्य पदार्थों में जानबूझकर मिलावट करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
7,392 खाद्य नमूने किए गए एकत्र
डॉ. मुकेश महालिंग ने बताया कि प्रवर्तन एजेंसियों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए 7,392 कानूनी नमूने एकत्र किए हैं।
इन नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है, ताकि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा का पता लगाया जा सके।
इसके अलावा अलग-अलग स्थानों से निगरानी के उद्देश्य से भी नमूने लिए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा पर सरकार का फोकस
राज्य सरकार का कहना है कि लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है।
मिलावट के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से नियमित जांच और कार्रवाई की जा रही है।
त्योहारों के समय बढ़ाई जाती है निगरानी
खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका त्योहारों के दौरान अधिक बढ़ जाती है। इस दौरान दूध, पनीर, मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री की मांग बढ़ जाती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार और खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर विशेष अभियान चलाते हैं।
मिलावट रोकने के लिए लगातार कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जांच अभियान के दौरान दोषी पाए जाने वाले लोगों और संस्थानों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि वे खाद्य सामग्री खरीदते समय गुणवत्ता का ध्यान रखें। संदिग्ध खाद्य पदार्थ मिलने पर संबंधित विभाग को जानकारी देने को कहा गया है।
आगे भी जारी रहेंगे अभियान
ओडिशा सरकार खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आगे भी जांच अभियान जारी रखने की तैयारी में है।
पिछले दो वर्षों में दर्ज 431 मामलों और बड़ी मात्रा में नष्ट किए गए मिलावटी खाद्य पदार्थों से साफ है कि राज्य में खाद्य सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है। सरकार का लक्ष्य लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।





