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Odisha ओडिशा। जगन्नाथ धाम पुरी में धार्मिक परंपराओं के तहत स्नान बेदी पर उपयोग होने वाली विशेष चंदुआ (चंदोवा) को पारंपरिक दर्जी सेवकों द्वारा तैयार किया जा रहा है। यह चंदुआ न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि जगन्नाथ संस्कृति की प्राचीन परंपराओं का भी प्रतीक माना जाता है।
यह विशेष चंदुआ नबकलेबर समारोह के दौरान तैयार किया जाता है और इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है। परंपरा के अनुसार, इसे स्नान पूर्णिमा और अन्य प्रमुख धार्मिक अवसरों पर स्नान बेदी पर लगाया जाता है। इस चंदुआ का उपयोग अगले नबकलेबर तक किया जाता है, जिससे इसकी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता और बढ़ जाती है। दर्जी सेवक पीढ़ियों से इस पवित्र कार्य को निभाते आ रहे हैं। इसे बनाने में विशेष कपड़ों, पारंपरिक डिजाइन और धार्मिक प्रतीकों का उपयोग किया जाता है, जो जगन्नाथ परंपरा की गहराई और आस्था को दर्शाते हैं।
पुरी में यह परंपरा केवल एक धार्मिक प्रक्रिया नहीं बल्कि सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है, जिसे श्रद्धा और नियमों के साथ पूरा किया जाता है। नबकलेबर के समय भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के नव-विग्रहों की स्थापना के साथ ही यह चंदुआ भी विशेष रूप से तैयार किया जाता है। स्थानीय श्रद्धालुओं का मानना है कि इस चंदुआ का निर्माण और उपयोग पूरी तरह पवित्र प्रक्रिया का हिस्सा है, जो भगवान जगन्नाथ की सेवा परंपरा को जीवित रखता है।
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