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जगन्नाथ मंदिर में बुजुर्ग और दिव्यांग भक्तों के लिए खास दर्शन व्यवस्था

Kavita2
1 Oct 2026 5:50 PM IST
जगन्नाथ मंदिर में बुजुर्ग और दिव्यांग भक्तों के लिए खास दर्शन व्यवस्था
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पुरी। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने बुजुर्ग और दिव्यांग भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर के उत्तरी द्वार पर विशेष इंतजाम किए हैं। चलने-फिरने में परेशानी वाले श्रद्धालुओं को आसानी से मंदिर के अंदर पहुंचाने और दर्शन कराने के लिए रैंप और रेलिंग की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही प्रशिक्षित वॉलंटियर्स की तैनाती भी की जाएगी, जो जरूरतमंद भक्तों को नटमंडप या जगमोहन तक पहुंचाने में मदद करेंगे।

मंदिर प्रशासन का उद्देश्य ऐसे श्रद्धालुओं के लिए दर्शन प्रक्रिया को सरल और व्यवस्थित बनाना है, जिन्हें सीढ़ियां चढ़ने, भीड़ में चलने या लंबे समय तक खड़े रहने में दिक्कत होती है। नई व्यवस्था से बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में प्रवेश से लेकर दर्शन तक सहायता मिल सकेगी।

श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक अरबिंद कुमार पाधी के अनुसार, इस विशेष सुविधा को तकनीक से भी जोड़ा जा रहा है। इसके लिए एक मोबाइल ऐप विकसित किया जा रहा है, जिसके जरिए पात्र श्रद्धालु विशेष दर्शन सुविधा के लिए पंजीकरण करा सकेंगे।

शुरुआती ट्रायल के दौरान प्रतिदिन 50 बुजुर्ग और दिव्यांग भक्तों को इस सुविधा का लाभ दिया जाएगा। पंजीकरण ऑनलाइन और मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा। इससे मंदिर प्रशासन को पहले से यह जानकारी मिल सकेगी कि किस दिन कितने जरूरतमंद श्रद्धालु विशेष सहायता के लिए पहुंचेंगे।

पंजीकरण व्यवस्था से भीड़ प्रबंधन में भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। निर्धारित संख्या में श्रद्धालुओं को समय और व्यवस्था के अनुसार प्रवेश दिया जाएगा, ताकि उन्हें बिना ज्यादा परेशानी के दर्शन कराया जा सके।

उत्तरी द्वार पर बनाया गया रैंप खास तौर पर उन श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी होगा, जिन्हें व्हीलचेयर या सहारे की जरूरत पड़ती है। रेलिंग की व्यवस्था से भी बुजुर्ग श्रद्धालुओं को चलने में मदद मिलेगी।

मंदिर प्रशासन ने यह भी तय किया है कि विशेष रूप से प्रशिक्षित वॉलंटियर्स श्रद्धालुओं के साथ रहेंगे। ये वॉलंटियर्स जरूरत के अनुसार भक्तों को मार्ग दिखाने, चलने में सहायता देने और निर्धारित दर्शन स्थल तक पहुंचाने का काम करेंगे।

व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह भी होगा कि जरूरतमंद श्रद्धालुओं को सामान्य भीड़ के दबाव से यथासंभव बचाया जाए। बुजुर्ग और दिव्यांग लोगों के लिए भीड़ में चलना कठिन होता है और कई बार इससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानी भी हो सकती है।

इसलिए मंदिर प्रशासन अलग सहायता व्यवस्था तैयार कर रहा है। इसका उद्देश्य दर्शन को सहज बनाने के साथ सुरक्षा को भी प्राथमिकता देना है।

ट्रायल अवधि में प्रतिदिन 50 श्रद्धालुओं की सीमा रखी गई है। इस दौरान यह देखा जाएगा कि नई व्यवस्था कितनी प्रभावी है और इसमें किस तरह के सुधार की जरूरत है।

यदि ट्रायल सफल रहता है तो भविष्य में इस सुविधा का दायरा बढ़ाया जा सकता है। प्रतिदिन लाभ लेने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाने या व्यवस्था में अन्य सुविधाएं जोड़ने पर भी विचार किया जा सकता है।

मोबाइल ऐप के जरिए पंजीकरण शुरू होने के बाद श्रद्धालु मंदिर पहुंचने से पहले ही अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इससे मौके पर कागजी प्रक्रिया कम होगी और समय की बचत हो सकती है।

ऑनलाइन पंजीकरण के जरिए पात्रता की पुष्टि भी आसान हो सकेगी। मंदिर प्रशासन जरूरत के अनुसार पहचान और संबंधित जानकारी लेकर विशेष दर्शन की अनुमति दे सकेगा।

पुरी का श्री जगन्नाथ मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इनमें बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी रहती है।

भीड़ के समय ऐसे श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने और दर्शन करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी समस्या को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सुविधा विकसित करने की दिशा में कदम उठाया है।

रैंप और रेलिंग की व्यवस्था से शारीरिक रूप से कमजोर श्रद्धालुओं की निर्भरता कम होगी। वॉलंटियर्स की मौजूदगी से उन्हें व्यक्तिगत सहायता भी मिल सकेगी।

नटमंडप और जगमोहन तक पहुंचने में सहायता मिलने से ऐसे श्रद्धालुओं के लिए दर्शन प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान हो सकती है।

मंदिर प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि विशेष सुविधा का इस्तेमाल व्यवस्थित तरीके से हो और पात्र श्रद्धालुओं को प्राथमिकता मिले।

इसके लिए मोबाइल ऐप और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था को अहम माना जा रहा है। इससे प्रशासन के पास रोज आने वाले लाभार्थियों की सूची पहले से उपलब्ध रहेगी।

वॉलंटियर्स को भी यह जानकारी दी जा सकेगी कि किस श्रद्धालु को किस तरह की सहायता की जरूरत है। इससे सेवा को व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार व्यवस्थित किया जा सकेगा।

विशेष दर्शन सुविधा के ट्रायल के दौरान प्रशासन श्रद्धालुओं से मिलने वाली प्रतिक्रिया पर भी ध्यान दे सकता है। अगर किसी स्थान पर अतिरिक्त रैंप, बैठने की जगह या अन्य सहायता की जरूरत महसूस होती है तो उसमें बदलाव संभव होगा।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य मंदिर दर्शन को सभी के लिए अधिक सुलभ बनाना है। विशेष रूप से ऐसे भक्तों को ध्यान में रखा गया है, जो उम्र या शारीरिक अक्षमता के कारण सामान्य दर्शन व्यवस्था में कठिनाई महसूस करते हैं।

श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन की यह पहल धार्मिक स्थलों में सुगम पहुंच की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

रैंप, रेलिंग, प्रशिक्षित वॉलंटियर्स और डिजिटल पंजीकरण को एक साथ जोड़कर ऐसी व्यवस्था तैयार की जा रही है, जिसमें सुविधा और भीड़ नियंत्रण दोनों पर ध्यान दिया गया है।

ट्रायल के दौरान हर दिन 50 बुजुर्ग और दिव्यांग भक्त इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। इसके बाद मिले अनुभव के आधार पर आगे की व्यवस्था तय की जाएगी।

फिलहाल मंदिर प्रशासन मोबाइल ऐप विकसित करने और विशेष दर्शन व्यवस्था को अंतिम रूप देने में जुटा है।

नई सुविधा लागू होने के बाद बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को उत्तरी द्वार से व्यवस्थित प्रवेश, रैंप और रेलिंग की सहायता तथा प्रशिक्षित वॉलंटियर्स का सहयोग मिलेगा।

इस पहल से उन श्रद्धालुओं के लिए श्री जगन्नाथ के दर्शन आसान होने की उम्मीद है, जिन्हें अब तक भीड़ और चलने-फिरने की समस्या के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता था।

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