
भुवनेश्वर। गहरे दबाव यानी डीप डिप्रेशन के प्रभाव से ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश और खराब मौसम की स्थिति बनी हुई है। राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि मौसम प्रणाली से छह जिले प्रभावित हुए हैं। इन जिलों के 37 ब्लॉक, 127 ग्राम पंचायत और 273 गांव प्रभाव की चपेट में आए हैं। इसके अलावा पांच शहरी क्षेत्रों के 20 वार्ड भी प्रभावित हुए हैं।
प्रभावित जिलों में कोरापुट, गजपति, मलकानगिरी, गंजाम, नबरंगपुर और रायगढ़ शामिल हैं। प्रशासन ने संभावित खतरे को देखते हुए संवेदनशील इलाकों से लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया था। अब तक कुल 8,082 लोगों को जोखिम वाले क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को प्रभावित इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
8,082 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि डीप डिप्रेशन से पैदा हुई परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। ऐसे इलाकों की पहचान की गई, जहां भारी बारिश, जलभराव या बाढ़ का खतरा अधिक था। इन क्षेत्रों से 8,082 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का उद्देश्य किसी भी संभावित जनहानि को रोकना है। प्रभावित जिलों में प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें स्थिति की निगरानी कर रही हैं।
बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए लोगों से भी सतर्क रहने को कहा गया है।
मलकानगिरी में सड़कों और पुलों के ऊपर बहा पानी
मलकानगिरी जिले में भारी बारिश का अधिक असर देखने को मिला है। मंत्री के अनुसार, जिले में कुछ सड़कों और पुलों के ऊपर से पानी बहने की सूचना मिली है। इससे कई स्थानों पर आवागमन प्रभावित हुआ है।
भारी बारिश के दौरान सड़क या पुल के ऊपर पानी बहने की स्थिति में वाहन चालकों और स्थानीय लोगों के लिए जोखिम बढ़ जाता है। प्रशासन ऐसे इलाकों की निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर यातायात को रोकने या वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्ग प्रभावित होने की स्थिति में राहत सामग्री पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसलिए प्रशासन की ओर से सड़क संपर्क और पुलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
कालाहांडी में पेड़ गिरने से सड़कें बंद
डीप डिप्रेशन से जुड़े खराब मौसम का असर कालाहांडी में भी सामने आया है। यहां दो अलग-अलग स्थानों पर पेड़ गिरने से सड़कें अवरुद्ध होने की सूचना मिली है।
सड़क पर पेड़ गिरने से स्थानीय स्तर पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। ऐसे मामलों में संबंधित विभागों की टीमों द्वारा पेड़ों को हटाकर रास्ता खोलने की कार्रवाई की जाती है।
हालांकि मंत्री द्वारा बताए गए छह प्रमुख प्रभावित जिलों की सूची में कालाहांडी शामिल नहीं है, लेकिन वहां भी खराब मौसम के कारण पेड़ गिरने जैसी घटनाएं सामने आई हैं।
नबरंगपुर में दो मकान क्षतिग्रस्त
नबरंगपुर जिले में बारिश और खराब मौसम के कारण दो मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी गई है। प्रशासन की ओर से इन घटनाओं का विवरण जुटाया जा रहा है।
भारी बारिश के दौरान विशेष रूप से कमजोर और कच्चे मकानों को नुकसान का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने को प्राथमिकता दी जा रही है।
मकानों को हुए नुकसान का आकलन भी प्रशासन द्वारा किया जाएगा। विस्तृत सर्वेक्षण के बाद ही संपत्ति और अन्य क्षेत्रों में हुए कुल नुकसान की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
273 गांवों पर पड़ा असर
राज्य सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, डीप डिप्रेशन से 37 ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली 127 ग्राम पंचायतों के 273 गांव प्रभावित हुए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम प्रणाली के व्यापक प्रभाव का पता चलता है।
इसके अलावा पांच शहरी इलाकों के 20 वार्ड भी प्रभावित हुए हैं। इन क्षेत्रों में बारिश और जलभराव से लोगों के दैनिक जीवन पर असर पड़ा है।
प्रशासन का ध्यान फिलहाल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, संपर्क मार्गों को चालू रखने और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सहायता उपलब्ध कराने पर है।
नुकसान का होगा विस्तृत आकलन
राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों में हुए नुकसान का विस्तृत आकलन करने की प्रक्रिया भी शुरू करने का फैसला किया है। मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि नुकसान का आकलन करने के लिए प्रभावित पांच जिलों में अधिकारियों को भेजा जाएगा।
ये अधिकारी मौके पर जाकर मकानों, सड़कों, पुलों, कृषि और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन करेंगे। स्थानीय प्रशासन से जानकारी जुटाने के साथ प्रभावित लोगों से भी नुकसान के बारे में विवरण लिया जा सकता है।
आकलन पूरा होने के बाद सरकार के पास नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट पहुंचेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे राहत और सहायता से संबंधित निर्णय लिए जा सकेंगे।
प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश
मौसम की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों के प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से निचले इलाकों, नदी किनारे के क्षेत्रों और ऐसे गांवों पर निगरानी रखने को कहा गया है, जहां भारी बारिश के कारण जलभराव या बाढ़ की स्थिति बन सकती है।
राहत एवं बचाव दलों को भी जरूरत के अनुसार तैयार रखा गया है। जिन क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है, वहां स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
फिलहाल राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों की सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं को बनाए रखना है। 8,082 लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। मौसम प्रणाली का प्रभाव कम होने के बाद प्रभावित इलाकों में नुकसान का विस्तृत सर्वेक्षण किया जाएगा।
डीप डिप्रेशन से छह जिलों के 273 गांव और पांच शहरी क्षेत्रों के 20 वार्ड प्रभावित होने के बीच प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।





