
Bhubaneswar भुवनेश्वर: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने ओडिशा में चल रहे मतदाता सूची के 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) की समय-सीमा बढ़ा दी है, जिससे मतदाता अब 19 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। आयोग द्वारा 31 जुलाई को जारी एक अधिसूचना के अनुसार, यह निर्णय ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के अनुरोध पर विचार करने के बाद लिया गया। अधिसूचना में कहा गया है, "मुझे आयोग के 14.05.2026 के पत्र संख्या 23/2025-ERS (खंड II) का संदर्भ देते हुए यह बताने का निर्देश दिया गया है कि आयोग ने 30.07.2026 के पत्र के माध्यम से किए गए आपके अनुरोध पर विचार किया है और SIR के कार्यक्रम में संशोधन करने का निर्णय लिया है।"
संशोधित कार्यक्रम के तहत, दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि 5 अगस्त से बढ़ाकर 19 अगस्त कर दी गई है। नोटिस का चरण और दावों व आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया अब 17 सितंबर तक जारी रहेगी। संशोधित मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 सितंबर को होगा।
आयोग ने राज्य अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि वे राज्य के राजपत्र (गजट) के विशेष अंक में अधिसूचना प्रकाशित करें और आधिकारिक रिकॉर्ड के लिए ECI को तीन प्रतियां भेजें। अधिसूचना में कहा गया है, "संशोधित कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया जाता है।" आयोग ने बताया कि 14 मई को जारी संचार के माध्यम से 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 'विशेष गहन संशोधन' की घोषणा की गई थी। ओडिशा में, मतदाता सूची का मसौदा 5 जुलाई को प्रकाशित किया गया था, और दावे व आपत्तियां दर्ज करने की मूल अवधि 5 जुलाई से 4 अगस्त तक निर्धारित थी।
हालांकि, ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुरोध पर कार्रवाई करते हुए और 'मतदाता पंजीकरण नियम, 1960' के नियम 12 के प्रावधान के तहत मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए, आयोग ने दावे और आपत्तियां दर्ज करने की समय-सीमा 19 अगस्त तक बढ़ाने का निर्णय लिया। यह संशोधन 1 जुलाई को अर्हता तिथि (qualifying date) मानकर किया जा रहा है। 'विशेष गहन संशोधन' निर्वाचन आयोग द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन, पहले से भरे हुए फॉर्म और मौजूदा मतदाता रिकॉर्ड की जांच के माध्यम से मतदाता सूची को सत्यापित और अद्यतन (update) करने के लिए की जाने वाली एक राष्ट्रव्यापी कवायद है।
इस कवायद का उद्देश्य मतदाता सूची की सटीकता सुनिश्चित करना है, जिसके तहत... मृत, स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए, डुप्लिकेट और गैर-नागरिक वोटरों को हटाना, साथ ही यह पक्का करना कि सभी योग्य नागरिक इसमें शामिल हों। पूरे देश में चलने वाले SIR प्रोग्राम की घोषणा 27 अक्टूबर, 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने की थी। मई में, सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रक्रिया को सही ठहराते हुए कहा कि यह 'जनप्रतिनिधित्व अधिनियम' (Representation of the People Act) के अनुरूप है और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव कराने की चुनाव आयोग की संवैधानिक ज़िम्मेदारी का समर्थन करता है।





