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बंगाल की खाड़ी में बड़े मौसमी बदलाव के संकेत, ओडिशा-आंध्र तट की ओर बढ़ सकता है सिस्टम

Kavita2
21 Oct 2026 4:15 PM IST
बंगाल की खाड़ी में बड़े मौसमी बदलाव के संकेत, ओडिशा-आंध्र तट की ओर बढ़ सकता है सिस्टम
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भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में एक नई मौसमी प्रणाली विकसित होने के संकेत मिले हैं, जिससे आने वाले दिनों में ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में मौसम बदल सकता है। मौसम संबंधी मॉडलों के अनुसार, यह प्रणाली आगे चलकर कम दबाव के क्षेत्र और उसके बाद डिप्रेशन का रूप ले सकती है। इसके दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों की ओर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह प्रणाली चक्रवात में बदलेगी या नहीं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 21 अक्टूबर को थाईलैंड की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ था।

बंगाल की खाड़ी में विकसित हो सकता है कम दबाव का क्षेत्र

मौसम विभाग के अनुसार, थाईलैंड की खाड़ी और उससे सटे थाईलैंड तथा म्यांमार के क्षेत्रों में एक ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय था।

यह प्रणाली समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली हुई थी।

इसके उत्तरी अंडमान सागर की ओर बढ़ने की संभावना जताई गई है।

आगे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने के दौरान यह बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र के विकास के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा कर सकती है।

मौसम विभाग के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, 23 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्वी और उससे सटे पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है।

अगले तीन दिनों में तेज हो सकती है प्रणाली

आईएमडी के अनुसार, कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद मौसमी प्रणाली उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकती है।

इसके अगले तीन दिनों के दौरान और अधिक तीव्र होने की संभावना है।

मौसम विज्ञान की दृष्टि से कम दबाव का क्षेत्र अधिक संगठित और शक्तिशाली होने पर डिप्रेशन का रूप ले सकता है।

हालांकि, हर कम दबाव का क्षेत्र चक्रवात में परिवर्तित नहीं होता।

किसी प्रणाली के आगे विकसित होने की संभावना समुद्री तापमान, वायुमंडलीय हवाओं और अन्य मौसम संबंधी परिस्थितियों पर निर्भर करती है।

इसलिए फिलहाल इसके चक्रवात बनने की निश्चित घोषणा नहीं की गई है।

दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश पर नजर

मौसम संबंधी मॉडलों ने संकेत दिया है कि विकसित होने वाली प्रणाली दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों की दिशा में आगे बढ़ सकती है।

हालांकि, यह अभी संभावित मार्ग है, अंतिम पूर्वानुमान नहीं।

समुद्र के ऊपर विकसित होने वाली प्रणालियों की दिशा और तीव्रता में समय के साथ बदलाव हो सकता है।

ऐसे में तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए मौसम विभाग के आगामी पूर्वानुमानों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।

फिलहाल किसी विशेष जिले में चक्रवात के टकराने की पुष्टि नहीं हुई है।

क्या चक्रवात का रूप ले सकती है प्रणाली?

बंगाल की खाड़ी में मौसमी प्रणाली के विकसित होने की खबर के बाद सबसे बड़ा सवाल इसके चक्रवात बनने की संभावना को लेकर है।

मौसम विभाग ने अभी केवल कम दबाव का क्षेत्र बनने और उसके अधिक तीव्र होने की संभावना व्यक्त की है।

डिप्रेशन बनने के बाद भी प्रणाली का चक्रवात में बदलना कई वायुमंडलीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि ओडिशा या आंध्र प्रदेश के तट पर चक्रवात दस्तक देगा।

प्रणाली के विकसित होने के साथ मौसम विभाग उसके संभावित मार्ग और तीव्रता का अधिक सटीक आकलन कर सकेगा।

तटीय क्षेत्रों में बारिश की संभावना

यदि मौसमी प्रणाली बंगाल की खाड़ी में मजबूत होती है और तटों की ओर बढ़ती है, तो आसपास के क्षेत्रों में बादल, बारिश और हवाओं की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

हालांकि, फिलहाल उपलब्ध जानकारी में किसी जिले के लिए बारिश की निश्चित मात्रा या हवा की गति का अनुमान नहीं दिया गया है।

संभावित वर्षा का क्षेत्र और उसकी तीव्रता प्रणाली के वास्तविक मार्ग पर निर्भर करेगी।

मौसम विभाग के अगले बुलेटिन से यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन तटीय क्षेत्रों में मौसम का अधिक प्रभाव पड़ सकता है।

मछुआरों के लिए मौसम अपडेट महत्वपूर्ण

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना समुद्र में मछली पकड़ने और अन्य गतिविधियों से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है।

समुद्री मौसमी प्रणालियों के दौरान हवाओं और लहरों की स्थिति तेजी से बदल सकती है।

ऐसे में मछुआरों और नाव संचालकों को समुद्र में जाने से पहले आधिकारिक मौसम बुलेटिन देखना चाहिए।

हालांकि, उपलब्ध विवरण में मछुआरों के लिए किसी विशेष तारीख से समुद्र में जाने पर प्रतिबंध या चेतावनी की पुष्टि नहीं हुई है।

इसलिए किसी प्रतिबंध को लागू मानने के बजाय मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक सलाह का पालन करना आवश्यक है।

मौसम विभाग के अगले बुलेटिन पर नजर

मौसम विभाग के प्रारंभिक पूर्वानुमान के अनुसार, 23 अक्टूबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो सकता है।

इसके बाद अगले तीन दिनों में प्रणाली की तीव्रता बढ़ने की संभावना है।

आगामी मौसम बुलेटिन से इसके मार्ग, संभावित प्रभाव और तीव्रता के बारे में अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है।

तटीय क्षेत्रों के लोगों को अफवाहों से बचने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी जाती है।

फिलहाल चक्रवात की पुष्टि नहीं

बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रही मौसमी परिस्थितियों पर मौसम विभाग की नजर बनी हुई है।

थाईलैंड की खाड़ी से उत्तरी अंडमान सागर की ओर बढ़ने वाली प्रणाली के कारण 23 अक्टूबर के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है।

इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए और तीव्र हो सकता है।

हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि प्रणाली चक्रवात बनेगी या ओडिशा तट से टकराएगी। दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों पर संभावित प्रभाव की स्पष्ट तस्वीर आगामी मौसम पूर्वानुमानों के बाद ही सामने आएगी।

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