ओडिशा

अनिश्चित काल के लिए बंद हुआ शिमिलीपाल अभयारण्य, पर्यटक हुए निराश

Gulabi
15 Nov 2021 4:03 PM IST
अनिश्चित काल के लिए बंद हुआ शिमिलीपाल अभयारण्य, पर्यटक हुए निराश
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शिमिलीपाल अभयारण्य को एक बार फिर से बंद कर दिया गया है

शिमिलीपाल अभयारण्य को एक बार फिर से बंद कर दिया गया है। कोरोना महामारी के चलते काफी लम्बे समय के बाद पिछली 1 नवम्बर को शिमिलीपाल अभयारण्य को खोला गया था, जिसे पुन: अनिश्चत काल के लिए बंद कर दिया गया है। राज्य में विभिन्न जगहों पर बारिश जारी रहने ए​वं सुबह के समय घना कुहासा पड़ने के कारण कुछ दिखाई नहीं देता है। बारिश के समय शिमिलीपाल के अन्दर जाना खतरनाक है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शिमिलीपाल राष्ट्रीय उद्यान के उपनिदेशक साइकिरण डी.एन ने उपरोक्त निर्णय लिया है।


गौरतलब है कि महामारी कोरोना के कारण काफी लम्बे समय से बंद रहने वाले अभयारण्य कोरोना का प्रकोप कम होने के बाद खोला गया था। बाद में 15 मई को वर्षा ऋतु के आगमन के चलते बंद कर दिया गया था। बारिश के दिनों में अभयारण्य के अंदर मौजूद मिट्टी के रास्ते में जाना सम्भव नहीं है। ऐसे में हर साल बारिश में इसे बंद कर दिया जाता है। इसके बाद ठंड का मौसम आने पर पर्यटकों के लिए शिमिलीपाल अभयारण्य खोला जाता है। एक नवम्बर से पर्यटकों के लिए अभयारण्य को खोला गया था। पर्यटकों को लुभाने के लिए शिमिलीपाल अभयारण्य आकर्षक सजावट भी की गई थी। अभयारण्य को इस बार प्लास्टिक मुक्त घोषित करने के साथ ही पर्यटकों को कोई प्लास्टिक सामग्री लेकर जाने की अनुमति नहीं दी गई थी। इतना ही नहीं इस साल मादक द्रव्य के ऊपर भी प्रतिबंध लगाया गया था।
पर्यटक हुए निराश
शिमिलीपाल अभयारण्य खुलने के बाद इसके सौंदर्य का लाभ उठाने तथा घने जंगल का आनंद लेने के लिए दूर-दूर से पर्यटक यहां आते हैं। बारीपदा के पीठाबटा एवं जसीपुर के कालीआमी गेट से पर्यटकों को प्रवेश की अनुमति दी गई थी। दोनों तरफ से 60 गाड़ी को प्रवेश की अनुमति दी गई थी। सुबह 7 से 9 बजे तक अभयारण्य में प्रवेश की अनुमति दी गई थी। प्रकृति के सौंदर्य का लाभ उठाने के लिए पर्यटकों की खासी भीड़ अभयारण्य में हो रही थी। हालांकि अचानक अभयारण्य को बंद कर दिए जाने से पर्यटकों को निराश होना पड़ रहा है।

जानकारी के मुताबिक पिछले से शिमिलीपाल अभयारण्य में 43 हजार पर्यटक आए थे 2 करोड़ 35 लाख 7 रुपया का राजस्व अदाय किया गया था। हालांकि इस साल बहुत कम दिनों के अंतराल में बंद कर दिए दिए जाने से शिमिलीपाल राजस्व के ऊपर भी प्रभाव पड़ने की चर्चा हो रही है।
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