
गंजाम: बंगाल की खाड़ी में बने गहरे डिप्रेशन के कारण समुद्र में खराब हुए हालात का असर मछली पकड़ने वाली नौकाओं पर भी पड़ा है। आंध्र प्रदेश के काकीनाडा की 27 से ज्यादा मछली पकड़ने वाली नावें और ट्रॉलर ओडिशा के गंजाम तट पर फंस गए हैं। समुद्र में तेज हलचल और खराब मौसम के कारण इन नावों के लिए अपने होम पोर्ट काकीनाडा लौटना मुश्किल हो गया। इसके बाद कई ट्रॉलरों ने सुरक्षा को देखते हुए आर्यपल्ली फिशिंग जेटी पर शरण ली।
फंसी हुई नावों और उनमें मौजूद मछुआरों की जानकारी मिलने के बाद गंजाम जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। प्रशासन की ओर से मछुआरों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मत्स्य विभाग के अधिकारी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
आर्यपल्ली फिशिंग जेटी पर ली शरण
जानकारी के अनुसार काकीनाडा से निकली मछली पकड़ने वाली नावें समुद्र में मौजूद थीं। इसी दौरान मौसम खराब होने और समुद्र में उथल-पुथल बढ़ने से उनके लिए आगे की यात्रा करना मुश्किल हो गया।
काकीनाडा की ओर लौटने का प्रयास कर रहे ट्रॉलर खराब समुद्री परिस्थितियों के कारण आगे नहीं बढ़ सके। ऐसे में नावों को सुरक्षित स्थान की ओर ले जाने का फैसला किया गया।
इसके बाद 27 से ज्यादा नावों ने गंजाम तट पर स्थित आर्यपल्ली फिशिंग जेटी पर शरण ली। यहां पहुंचने के बाद नावों पर मौजूद मछुआरों को राहत मिली।
गहरे डिप्रेशन से समुद्र में बढ़ी हलचल
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण समुद्र में स्थिति खराब बनी हुई है। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच छोटी और मध्यम मछली पकड़ने वाली नावों के लिए समुद्र में रहना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
मौसम की गंभीरता को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में मछुआरों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। खराब मौसम के बीच नावों के समुद्र में फंसने की आशंका के चलते प्रशासन और मत्स्य विभाग सतर्क हैं।
काकीनाडा की नावों के मामले में भी समुद्री परिस्थितियों के कारण उन्हें अपनी दिशा बदलकर नजदीकी सुरक्षित जेटी तक पहुंचना पड़ा।
प्रशासन ने मछुआरों को पहुंचाई मदद
गंजाम जिला प्रशासन को जैसे ही काकीनाडा की नावों के आर्यपल्ली जेटी पर पहुंचने की जानकारी मिली, अधिकारियों ने मछुआरों की स्थिति की जानकारी ली।
प्रशासन की ओर से उन्हें जरूरत के अनुसार आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। अधिकारियों का मुख्य ध्यान नावों पर मौजूद सभी मछुआरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।
मौसम में सुधार होने तक उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने और उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखने की व्यवस्था की जा रही है।
कुछ ट्रॉलर अभी भी समुद्र में
राहत की बात यह है कि बड़ी संख्या में ट्रॉलर सुरक्षित जेटी तक पहुंच गए हैं, लेकिन कुछ नावों के अभी भी समुद्र में होने की जानकारी सामने आई है।
मत्स्य विभाग के अधिकारी इन नावों की स्थिति का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित किनारे तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। समुद्र में मौजूद नावों से संपर्क स्थापित करने और उनकी लोकेशन की जानकारी लेने का प्रयास किया जा रहा है।
अधिकारियों के लिए प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि खराब मौसम के बीच कोई भी नाव या मछुआरा खतरे में न रहे।
बाकी नावों को किनारे लाने की कोशिश
मत्स्य विभाग ने बताया कि समुद्र में मौजूद शेष नावों को भी सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। मौसम की स्थिति और समुद्री लहरों को देखते हुए ही आगे की कार्रवाई की जा रही है।
ऐसे समय में नावों को सीधे उनके मूल बंदरगाह तक पहुंचाने के बजाय नजदीकी सुरक्षित तट या जेटी तक लाना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
समुद्र की स्थिति सामान्य होने के बाद ही इन ट्रॉलरों की आगे की यात्रा को लेकर फैसला लिया जा सकता है।
मछुआरों की सुरक्षा पर लगातार नजर
गंजाम प्रशासन और मत्स्य विभाग के अधिकारी आर्यपल्ली जेटी पर पहुंचे मछुआरों की सुरक्षा पर लगातार नजर रख रहे हैं। जरूरत के अनुसार उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
खराब मौसम में दूसरे राज्य से आई इतनी बड़ी संख्या में नावों के एक साथ जेटी पर पहुंचने के कारण प्रशासन के लिए समन्वय भी महत्वपूर्ण हो गया है।
अधिकारियों द्वारा नावों की संख्या, उनमें मौजूद मछुआरों और उनकी आवश्यकताओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
तटीय क्षेत्रों में बढ़ी सतर्कता
बंगाल की खाड़ी में मौसम प्रणाली के मजबूत होने के कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ गई है। समुद्र में जाने वाले मछुआरों के लिए मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना जरूरी है।
खराब समुद्री परिस्थितियों में मछली पकड़ने के लिए समुद्र में जाना खतरनाक हो सकता है। तेज हवा और ऊंची लहरें नावों को नुकसान पहुंचा सकती हैं और उनकी दिशा भी प्रभावित हो सकती है।
इसी कारण मौसम खराब होने पर मछुआरों को सुरक्षित तट की ओर लौटने की सलाह दी जाती है।
मौसम सुधरने का इंतजार
आर्यपल्ली फिशिंग जेटी पर शरण लेने वाले ट्रॉलर अब समुद्र की स्थिति सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। मौसम में सुधार और समुद्री परिस्थितियां सुरक्षित होने के बाद ही उनके काकीनाडा की ओर लौटने की संभावना है।
फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान मछुआरों की सुरक्षा और समुद्र में मौजूद बाकी नावों को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाने पर है।
27 से ज्यादा ट्रॉलरों के सुरक्षित जेटी तक पहुंच जाने से बड़ी राहत मिली है, लेकिन समुद्र में मौजूद अन्य नावों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। मत्स्य विभाग और जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं और मौसम की परिस्थितियों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।





