
Odisha ओडिशा: संबलपुर जिले में बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक सीमेंट मिक्सर ट्रक की टक्कर से EV ऑटो-रिक्शा में सवार पिता और उनकी नाबालिग बेटी की मौत हो गई। यह घटना धनुपली पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत झंकार बांध के पास हुई।
मृतकों की पहचान ऑटो-रिक्शा चालक और धनुपली निवासी सुरेंद्र बेहरा और उनकी बेटी शुभाश्री बेहरा के रूप में हुई है। हादसे के समय दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। ग्रामीणों और राहगीरों की मदद से उन्हें तुरंत जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया।
सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल पहुँचते ही शुभाश्री बेहरा को मृत घोषित कर दिया गया। सुरेंद्र बेहरा को आगे के इलाज के लिए बुर्ला स्थित वीर सुरेंद्र साई इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंज़ एंड रिसर्च (VIMSAR) ले जाया गया। हालांकि, परिवार ने आरोप लगाया कि उस समय इमरजेंसी विभाग में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था।
परिवार ने बताया कि सुरेंद्र को तत्परता से इलाज नहीं मिला, जिसके कारण उन्हें बाद में एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। वहां गुरुवार सुबह इलाज के दौरान सुरेंद्र बेहरा की भी मौत हो गई। परिवार वालों ने हादसे और इलाज में हुई लापरवाही को लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से जवाब मांगा है।
पुलिस ने बताया कि धनुपली पुलिस थाना क्षेत्र में झंकार बांध के पास रात के समय ट्रक की गति अधिक होने के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। ट्रक के ड्राइवर और वाहन मालिक के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय लोगों और परिवार ने सड़क पर सुरक्षा उपायों की कमी और दुर्घटनाओं में इमरजेंसी सेवाओं की असमय प्रतिक्रिया पर चिंता जताई। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की प्रभावशीलता पर सवाल उठाया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि रात के समय तेज गति से चलने वाले भारी वाहन और कमजोर सड़क सुरक्षा मानक अक्सर गंभीर हादसों का कारण बनते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि सड़कों पर पर्याप्त रोशनी, चेतावनी संकेत और इमरजेंसी सेवाओं की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इस हादसे ने संबलपुर जिले में सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर प्रशासन और अधिकारियों की जवाबदेही को उजागर किया है। परिवार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है और यह आशा जताई है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।





