ओडिशा

Sambalpur : प्रशासनिक गलती से परिवार परेशान, बिना लोन घर का हिस्सा सील होने का आरोप

Kavita2
25 Jun 2026 12:55 PM IST
Sambalpur : प्रशासनिक गलती से परिवार परेशान, बिना लोन घर का हिस्सा सील होने का आरोप
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Odisha ओडिशा: संबलपुर जिले में प्रशासनिक और बैंकिंग गलती के कारण एक दिव्यांग बुजुर्ग और उनका परिवार गंभीर परेशानी का सामना कर रहा है। मामला जामनकिरा ब्लॉक के गौरपाली रेवेन्यू सर्कल के अंतर्गत आने वाले गौतमपाली गांव का है, जहां एक 62 वर्षीय दिव्यांग व्यक्ति के घर का एक हिस्सा कथित तौर पर बिना किसी वैध बकाया लोन के सील कर दिया गया है।

पीड़ित धनंजय प्रधान ने आरोप लगाया है कि न तो उन्होंने और न ही उनके परिवार के किसी सदस्य ने किसी बैंक से कोई लोन लिया है। उनका यह भी कहना है कि परिवार का कोई सदस्य किसी अन्य व्यक्ति के लोन के लिए गारंटर भी नहीं रहा है। इसके बावजूद बैंक की ओर से वसूली प्रक्रिया के तहत उनके घर के एक हिस्से को 19 दिन पहले सील कर दिया गया।

इस कार्रवाई के बाद पूरा परिवार बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन जीने को मजबूर है। परिवार में 57 वर्षीय पत्नी, 35 वर्षीय विधवा बहू और दो नाबालिग पोतियां (14 और 9 वर्ष) शामिल हैं, जो अब घर के केवल एक ही कमरे में रहने के लिए मजबूर हैं। इससे उनके दैनिक जीवन की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है।

Sambalpur district में सामने आए इस मामले ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि यह पूरी तरह से बैंक और राजस्व विभाग की प्रशासनिक चूक का परिणाम है, जिससे उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है।

परिवार ने दावा किया कि उन्होंने कई बार जामनकिरा तहसीलदार और जिला कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। लगातार गुहार लगाने के बावजूद राहत न मिलने से परिवार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बन गया है और लोग प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं, तो यह एक गंभीर लापरवाही का मामला है, जिससे एक निर्दोष परिवार प्रभावित हुआ है।

पीड़ित ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि बैंक या विभाग की गलती पाई जाती है तो तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि परिवार को राहत मिल सके।

प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से फिलहाल इस मामले में विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की संभावना जताई जा रही है।

कुल मिलाकर, संबलपुर का यह मामला बैंकिंग और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है, जहां कथित गलती के कारण एक दिव्यांग व्यक्ति का परिवार लंबे समय से कठिन परिस्थितियों में जीवन जीने को मजबूर है।

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