
अनुगोल। ओडिशा के अनुगोल जिले के पलालाहाडा ब्लॉक में स्क्रब टाइफस के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र में कई लोगों के इस संक्रमण से पॉजिटिव पाए जाने के बाद अब एक संदिग्ध मौत का मामला भी सामने आया है।
पवित्रपुर पंचायत के सनाबागदार गांव में रहने वाले 30 वर्षीय सुमंत सेठी की मौत के बाद स्क्रब टाइफस को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि मौत का कारण केवल स्क्रब टाइफस था या नहीं, इसकी जांच की जा रही है।
कीड़े के काटने के बाद बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, सुमंत सेठी को करीब आठ दिन पहले किसी कीड़े ने काट लिया था। इसके बाद उन्हें तेज बुखार की शिकायत हुई और उनकी तबीयत लगातार खराब होती चली गई।
परिजनों ने पहले उनका इलाज पलालाहाडा और देवगढ़ में कराया। हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए वीर सुरेंद्र साई इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (VIMSAR), बुर्ला रेफर किया गया।
वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
स्क्रब टाइफस रिपोर्ट आई थी पॉजिटिव
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, जांच में सुमंत सेठी स्क्रब टाइफस से पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद इलाके में इस संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ गई।
स्क्रब टाइफस एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो संक्रमित कीड़े (चिगर माइट) के काटने से फैलता है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।
अन्य गंभीर बीमारियां भी थीं मौजूद
अनुगोल के मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी (CDMO) डॉ. मदन मोहन प्रधान ने बताया कि सुमंत स्क्रब टाइफस से संक्रमित थे, लेकिन उनकी स्वास्थ्य स्थिति पहले से भी गंभीर थी।
उन्होंने बताया कि मरीज का क्रिएटिनिन स्तर 5 से अधिक था, जबकि यूरिया का स्तर करीब 155 था। यह किडनी से जुड़ी गंभीर समस्या की ओर संकेत करता है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीज को संक्रमण के अलावा अन्य स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं भी थीं। इसलिए यह स्पष्ट करना जरूरी है कि उनकी मौत के पीछे केवल स्क्रब टाइफस जिम्मेदार था या अन्य बीमारियों की भी भूमिका थी।
स्वास्थ्य विभाग करेगा जांच
CDMO ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग मरीज की मेडिकल हिस्ट्री, इलाज के दौरान की स्थिति और जांच रिपोर्ट के आधार पर मौत के कारणों का पता लगाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच जरूरी है।
इलाके में बढ़ाई गई निगरानी
स्क्रब टाइफस के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पलालाहाडा क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है।
स्वास्थ्य कर्मियों को प्रभावित गांवों में जाकर लोगों की जांच करने और संदिग्ध मरीजों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों को बुखार, शरीर में दर्द, कमजोरी और कीड़े के काटने के बाद होने वाली अन्य समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी जा रही है।
स्क्रब टाइफस से बचाव के उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, स्क्रब टाइफस से बचाव के लिए साफ-सफाई और सावधानी जरूरी है।
झाड़ियों, घास वाले क्षेत्रों और खुले स्थानों पर जाने के दौरान शरीर को ढककर रखना चाहिए। इसके अलावा घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखना और कीड़ों से बचाव के उपाय करना जरूरी है।
यदि किसी व्यक्ति को लगातार बुखार, शरीर में दर्द या कमजोरी महसूस हो तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
सुमंत सेठी की मौत के बाद सनाबागदार गांव और आसपास के इलाकों में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि समय पर जांच और इलाज उपलब्ध होने से गंभीर मामलों को रोका जा सकता है।
आगे की स्थिति पर नजर
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। संदिग्ध मौत के बाद इलाके में स्वास्थ्य जांच और जागरूकता अभियान तेज किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
अनुगोल में स्क्रब टाइफस के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग के सामने चुनौती है कि संक्रमण को नियंत्रित किया जाए और लोगों को समय पर इलाज उपलब्ध कराया जाए। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और निगरानी के आधार पर स्थिति और स्पष्ट होगी।





