
कटक: ओडिशा विजिलेंस विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कटक जिले में एक रेवेन्यू इंस्पेक्टर (RI) और उसके सहयोगी को कथित तौर पर 30,000 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई कटक जिले की नियाली तहसील के माधबा सर्कल में की गई। गिरफ्तार किए गए रेवेन्यू इंस्पेक्टर की पहचान किशोर कुमार स्वैन के रूप में हुई है। आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति से म्यूटेशन (भूमि रिकॉर्ड में नाम परिवर्तन) से जुड़े मामले में अनुकूल रिपोर्ट देने के बदले रिश्वत की मांग की थी।
म्यूटेशन रिपोर्ट के लिए मांगी थी रिश्वत
विजिलेंस विभाग के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि माधबा सर्कल के RI किशोर कुमार स्वैन ने उसके म्यूटेशन आवेदन पर सकारात्मक रिपोर्ट देने के लिए 30,000 रुपये की मांग की।
म्यूटेशन प्रक्रिया भूमि रिकॉर्ड में मालिकाना हक से जुड़े बदलाव के लिए महत्वपूर्ण होती है। इसमें राजस्व अधिकारियों की रिपोर्ट की अहम भूमिका होती है।
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने मामले की जांच की और आरोपों की पुष्टि के बाद कार्रवाई की योजना बनाई।
रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए
विजिलेंस टीम ने योजना के तहत कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर रिश्वत की रकम लेते समय RI किशोर कुमार स्वैन और उनके सहयोगी को पकड़ लिया।
अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि बरामद की गई। इसके बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
विजिलेंस विभाग ने भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
सहयोगी की भूमिका की भी जांच
इस मामले में RI के साथ एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है। विजिलेंस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित रिश्वतखोरी में सहयोगी की क्या भूमिका थी।
जांच एजेंसी यह भी पता लगाएगी कि क्या इस तरह की गतिविधियां पहले भी की गई थीं या यह एक अलग घटना है।
विजिलेंस ने तेज की भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई
ओडिशा विजिलेंस विभाग सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। विभाग समय-समय पर रिश्वत मांगने और लेने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ अभियान चलाता है।
विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में शिकायत मिलने पर तुरंत जांच की जाती है और सबूत मिलने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाती है।
राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
इस घटना के बाद राजस्व विभाग में कामकाज और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे हैं। भूमि संबंधी मामलों में आम लोगों को अक्सर अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क करना पड़ता है।
विजिलेंस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी शिकायत संबंधित एजेंसी से की जाए।
जांच के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल विजिलेंस विभाग मामले की विस्तृत जांच कर रहा है। जांच के दौरान आरोपियों की संपत्ति, वित्तीय लेन-देन और अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश
विजिलेंस की इस कार्रवाई को सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार रोकने के प्रयासों के तहत देखा जा रहा है। विभाग का कहना है कि रिश्वतखोरी में शामिल किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
म्यूटेशन जैसे आम नागरिकों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। इस मामले में भी विजिलेंस की कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी सेवाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।
फिलहाल गिरफ्तार RI और उनके सहयोगी के खिलाफ जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





