
मल्कानगिरी। ओडिशा विजिलेंस ने मंगलवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मल्कानगिरी जिले के एक रेवेन्यू इंस्पेक्टर (RI) को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अधिकारी एक आवेदक से अनुसूचित जाति (SC) प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 8 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सूरज बाला के रूप में हुई है। वह मल्कानगिरी तहसील के झारापली सर्कल में रेवेन्यू इंस्पेक्टर के पद पर तैनात था। विजिलेंस टीम ने उसे रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथ पकड़ने का दावा किया है।
ओडिशा विजिलेंस के अनुसार, यह कार्रवाई शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी के लिए अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी करने के बदले रेवेन्यू इंस्पेक्टर रिश्वत की मांग कर रहा था।
ऑनलाइन आवेदन के बाद मांगी रिश्वत
विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने रेवेन्यू और डिजास्टर मैनेजमेंट विभाग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी पत्नी के SC प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके लिए जरूरी शुल्क भी जमा कर दिया गया था।
आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रमाण पत्र जारी करने की जिम्मेदारी संबंधित राजस्व अधिकारी की थी। आरोप है कि इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और प्रमाण पत्र जारी करने के लिए RI सूरज बाला ने शिकायतकर्ता से 8 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने के बजाय इसकी जानकारी ओडिशा विजिलेंस को दी। इसके बाद विजिलेंस ने मामले की जांच की और शिकायत की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई की योजना बनाई।
विजिलेंस ने बिछाया जाल
शिकायत की पुष्टि के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए योजना बनाई। तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम देने के लिए भेजा गया।
जैसे ही रेवेन्यू इंस्पेक्टर ने कथित तौर पर रिश्वत की रकम स्वीकार की, विजिलेंस की टीम ने उसे पकड़ लिया। टीम ने मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद की।
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
दस्तावेजों और संपत्तियों की जांच
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम आरोपी अधिकारी से पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है।
विजिलेंस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी अधिकारी पहले भी इस तरह की रिश्वतखोरी में शामिल रहा है या नहीं। इसके अलावा उसकी संपत्तियों और आय के स्रोतों की भी जांच की जा सकती है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार अभियान
ओडिशा विजिलेंस विभाग राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है। सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी की शिकायतों पर विजिलेंस कार्रवाई करती है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि सरकारी सेवाओं के लिए आम लोगों से अवैध रूप से पैसे मांगने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रमाण पत्र सेवाओं में पारदर्शिता पर जोर
जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और अन्य सरकारी दस्तावेजों के लिए नागरिकों को ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सरकार का उद्देश्य इन सेवाओं को आसान और पारदर्शी बनाना है।
इसके बावजूद कई बार अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा प्रक्रिया को जानबूझकर लंबा करने या रिश्वत मांगने की शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे मामलों में विजिलेंस की कार्रवाई से भ्रष्ट कर्मचारियों पर दबाव बढ़ता है।
मल्कानगिरी की इस घटना के बाद एक बार फिर सरकारी सेवाओं में भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठे हैं। विजिलेंस की कार्रवाई से यह संदेश दिया गया है कि रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल आरोपी रेवेन्यू इंस्पेक्टर सूरज बाला को हिरासत में लेकर आगे की जांच जारी है। मामले में जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।





