ओडिशा

44 साल बाद गोल्ड जीतने वाली महिला हॉकी टीम पर इनामों की बारिश

Kavita2
3 Oct 2026 12:46 PM IST
44 साल बाद गोल्ड जीतने वाली महिला हॉकी टीम पर इनामों की बारिश
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भुवनेश्वर। 2026 एशियाई खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम की ऐतिहासिक स्वर्णिम कामयाबी के बाद खिलाड़ियों के सम्मान का सिलसिला शुरू हो गया है। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने टीम की प्रत्येक खिलाड़ी के लिए 11-11 लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। इसके साथ ही टीम के समर्थन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को 5.5-5.5 लाख रुपये देने का ऐलान किया गया है। मुख्यमंत्री ने भारतीय टीम की शानदार उपलब्धि पर खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके प्रदर्शन, दृढ़ संकल्प और समर्पण की सराहना की।
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियाई खेलों के फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी ने एशियाई खेलों में 44 साल के लंबे अंतराल के बाद दोबारा स्वर्ण पदक हासिल किया। भारत का पिछला महिला हॉकी स्वर्ण 1982 के एशियाई खेलों में आया था।
44 साल बाद फिर चमका भारत
2026 एशियाई खेलों में महिला हॉकी का फाइनल भारतीय टीम के लिए बेहद अहम रहा। चीन के खिलाफ मुकाबले में भारत ने शुरुआत से ही मजबूत खेल दिखाया। लालरेम्सियामी ने 10वें मिनट में गोल करके भारत को बढ़त दिलाई। इसके बाद भारतीय टीम ने चीन के लगातार हमलों का मजबूती से सामना किया और अपनी बढ़त कायम रखी। गोलकीपर सविता पूनिया ने भी महत्वपूर्ण बचाव करते हुए टीम को बढ़त बनाए रखने में मदद की।
फाइनल मुकाबले का एकमात्र गोल लालरेम्सियामी के नाम रहा। खास बात यह भी रही कि यह उनका 200वां अंतरराष्ट्रीय मुकाबला था। टीम की रक्षापंक्ति ने पूरे मैच में दबाव के बावजूद संयम बनाए रखा और चीन को बराबरी करने का मौका नहीं दिया।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का सम्मान किया
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद खिलाड़ियों के लिए 11-11 लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा की। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी में टीम को बधाई देते हुए कहा गया कि खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने देश का गौरव बढ़ाया है। साथ ही सपोर्ट स्टाफ को भी 5.5-5.5 लाख रुपये देने का फैसला किया गया है।
मुख्यमंत्री की घोषणा केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रही। टीम के प्रदर्शन के पीछे काम करने वाले कोचिंग, फिजियो, ट्रेनिंग और अन्य सहयोगी सदस्यों को भी इस पुरस्कार में शामिल किया गया है। इससे टीम की सामूहिक सफलता में पर्दे के पीछे योगदान देने वाले सपोर्ट स्टाफ की भूमिका को भी मान्यता मिली है।
ओलंपिक का टिकट भी हुआ पक्का
एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए एक और वजह से महत्वपूर्ण है। इस जीत के साथ टीम ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया है। यानी एशियाई खेलों का यह स्वर्ण पदक सिर्फ पदक तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे भारतीय टीम के अगले बड़े अंतरराष्ट्रीय लक्ष्य की राह भी आसान हुई है।
ओलंपिक क्वालीफिकेशन के कारण खिलाड़ियों का उत्साह और बढ़ा है। टीम को अब अगले दो वर्षों में अपनी तैयारियों को और मजबूत करने का मौका मिलेगा। एशियाई खेलों की यह सफलता भारतीय महिला हॉकी के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।
भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
चीन के खिलाफ 1-0 की जीत भारतीय महिला हॉकी टीम का एशियाई खेलों में दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले टीम ने 1982 में स्वर्ण पदक जीता था। 44 साल के अंतराल के बाद दोबारा चैंपियन बनने की उपलब्धि ने इस जीत को विशेष बना दिया है।
फाइनल में भारतीय टीम को मैच के दौरान कई बार चीन के दबाव का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद टीम ने डिफेंस में धैर्य बनाए रखा। सविता पूनिया के महत्वपूर्ण बचाव और पूरी रक्षापंक्ति के सामूहिक प्रयास ने भारत की बढ़त को बरकरार रखा। अंत तक चीन बराबरी का गोल नहीं कर सका और भारत ने स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
हॉकी इंडिया ने भी घोषित किया पुरस्कार
भारतीय महिला टीम की ऐतिहासिक जीत के बाद हॉकी इंडिया ने भी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए नकद पुरस्कार की घोषणा की थी। हॉकी इंडिया ने प्रत्येक खिलाड़ी को 11 लाख रुपये और प्रत्येक सहयोगी स्टाफ सदस्य को 5.5 लाख रुपये देने की घोषणा की।
इस तरह खिलाड़ियों को मिलने वाली सम्मान राशि ने टीम की ऐतिहासिक उपलब्धि को और खास बना दिया है। अलग-अलग स्तरों से मिल रहे सम्मान से यह भी पता चलता है कि महिला हॉकी की इस कामयाबी को व्यापक स्तर पर मान्यता मिल रही है।
ओडिशा और हॉकी का मजबूत जुड़ाव
ओडिशा लंबे समय से भारतीय हॉकी के साथ मजबूत जुड़ाव के लिए जाना जाता है। राज्य ने भारतीय हॉकी को प्रोत्साहन देने और खेल से जुड़े बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने की दिशा में कई पहल की हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार देना राज्य की खेलों के प्रति प्रतिबद्धता के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से यह भी कहा गया कि ओडिशा भारतीय हॉकी के साथ मजबूती से खड़ा है और खेल प्रतिभाओं को समर्थन देने की दिशा में प्रतिबद्ध है।
अब नजर 2028 ओलंपिक पर
एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम के सामने अब अगला बड़ा लक्ष्य 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक है। एशियाई चैंपियन के रूप में टीम ने अपनी जगह पहले ही पक्की कर ली है। अब खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के सामने आने वाले समय में तैयारी, फिटनेस, रणनीति और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में निरंतरता बनाए रखने की चुनौती होगी।
फिलहाल 2026 एशियाई खेलों की ऐतिहासिक जीत ने भारतीय महिला हॉकी को एक बड़ी उपलब्धि दी है। 44 साल बाद मिले स्वर्ण पदक के सम्मान में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी द्वारा प्रत्येक खिलाड़ी के लिए 11 लाख और सपोर्ट स्टाफ के लिए 5.5 लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा ने इस उपलब्धि की खुशी को और बढ़ा दिया है।
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