
पुरी। ओडिशा के पुरी शहर में पवित्र कार्तिक महीने के दौरान व्रत करने वाली महिलाओं यानी ‘हबिष्यालियों’ के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन मंगलवार से शुरू हो गया है। राज्य सरकार की विशेष योजना के तहत इस बार 2,500 महिलाओं को पुरी में मुफ्त ठहरने, श्री जगन्नाथ मंदिर में व्यवस्थित दर्शन और महाप्रसाद जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है ताकि राज्य के अलग-अलग हिस्सों से आने वाली महिलाओं को रजिस्ट्रेशन में सुविधा मिल सके।
इस साल कार्तिक व्रत 26 अक्टूबर से शुरू होकर 24 नवंबर तक चलेगा। ओडिशा सरकार हर साल बड़ी संख्या में हबिष्यालियों के लिए पुरी में विशेष व्यवस्था करती है। कार्तिक महीने में बड़ी संख्या में महिलाएं पुरी पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठान, व्रत और श्री जगन्नाथ के दर्शन करती हैं। इस दौरान शहर में भीड़ काफी बढ़ जाती है, इसलिए सरकार ने पहले से आवास और अन्य व्यवस्थाएं तैयार करनी शुरू कर दी हैं।
रजिस्ट्रेशन के लिए ओडिशा सरकार के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर ‘Habishyali Accommodation, Puri’ सेवा उपलब्ध है। पोर्टल पर नागरिक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।
योजना के तहत चयनित हबिष्यालियों को तीन प्रमुख स्थानों पर ठहराया जाएगा। इनमें वृंदावती निवास, म्युनिसिपल कल्याण मंडप और रेलवे टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। राज्य सरकार ने इन स्थानों पर अस्थायी आवास और जरूरी सुविधाएं तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ओडिशा सरकार के ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर रेलवे टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स में हबिष्यालियों के ठहरने की व्यवस्था के लिए अलग टेंडर जारी किया गया है। इसके तहत भवन और अस्थायी सुविधाओं की तैयारी पर करीब 23.56 लाख रुपये का काम प्रस्तावित है। इसी तरह म्युनिसिपल कल्याण मंडप में व्यवस्था के लिए करीब 24.49 लाख रुपये का अलग काम जारी किया गया है।
सरकार की ओर से इस साल कुल 2,500 महिलाओं को योजना का लाभ देने की तैयारी है। रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद पात्र महिलाओं का चयन किया जाएगा और उन्हें पुरी में निर्धारित आवास स्थलों पर जगह दी जाएगी। योजना का मुख्य उद्देश्य उन महिलाओं को मदद देना है जो पूरे कार्तिक महीने या उसके महत्वपूर्ण हिस्से के दौरान धार्मिक व्रत और पूजा के लिए पुरी में रहना चाहती हैं।
हबिष्यालियों के लिए केवल रहने की व्यवस्था ही नहीं होगी, बल्कि भोजन और धार्मिक सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। चयनित महिलाओं को महाप्रसाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर का महाप्रसाद धार्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और यह मंदिर की प्रमुख परंपराओं में शामिल है।
इसके अलावा हबिष्यालियों के लिए श्री जगन्नाथ मंदिर में व्यवस्थित दर्शन की व्यवस्था भी की जाएगी। कार्तिक महीने में मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में वृद्ध और व्रत रखने वाली महिलाओं को भीड़ में परेशानी न हो, इसके लिए समूहों और निर्धारित समय के आधार पर दर्शन की व्यवस्था की जा सकती है।
वृंदावती निवास इस योजना का प्रमुख आवास केंद्र है। इसके अलावा म्युनिसिपल कल्याण मंडप और रेलवे टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स में अतिरिक्त क्षमता तैयार की जा रही है। इन स्थानों पर रहने वाली महिलाओं के लिए पानी, स्वच्छता, सुरक्षा और जरूरी चिकित्सा सहायता की व्यवस्था भी प्रशासन की तैयारी का हिस्सा रहेगी।
कार्तिक मास ओडिशा की धार्मिक परंपराओं में विशेष महत्व रखता है। खासकर पुरी में इस महीने बड़ी संख्या में महिलाएं ‘हबिष्य’ व्रत करती हैं। व्रत के दौरान वे सात्विक भोजन, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुशासन का पालन करती हैं। महीने के अंतिम पांच दिन, जिन्हें पंचुका कहा जाता है, विशेष रूप से महत्वपूर्ण होते हैं और उस दौरान पुरी में श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ जाती है।
इस बार कार्तिक पूर्णिमा 24 नवंबर को पड़ रही है। ओडिशा सरकार के आधिकारिक छुट्टी कैलेंडर में भी 24 नवंबर को राहास पूर्णिमा के रूप में दर्ज किया गया है।
सरकार की कोशिश है कि रजिस्ट्रेशन पहले से पूरा कर लिया जाए ताकि अंतिम समय में भीड़ और अव्यवस्था से बचा जा सके। ऑनलाइन प्रक्रिया से प्रशासन को यह भी पता रहेगा कि कितनी महिलाएं किस जिले से आ रही हैं और उनके लिए कितने आवास तथा अन्य संसाधनों की जरूरत होगी।
रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिलाओं को आवेदन के दौरान अपनी व्यक्तिगत जानकारी और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। आवेदन के बाद उसका स्टेटस भी ऑनलाइन देखा जा सकता है। ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर आवेदन की स्थिति जांचने की सुविधा उपलब्ध है।
पुरी जिला प्रशासन के सामने इस दौरान सबसे बड़ी चुनौती भीड़ प्रबंधन की होगी। कार्तिक महीने में सामान्य श्रद्धालुओं के अलावा हबिष्यालियों की संख्या भी बढ़ती है। ऐसे में मंदिर के आसपास यातायात, आवास, स्वच्छता, पेयजल और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत रखना जरूरी होगा।
विशेष रूप से वरिष्ठ महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं पर ध्यान देने की जरूरत होगी। लंबा व्रत और भीड़भाड़ के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है, इसलिए आवास स्थलों पर प्राथमिक चिकित्सा और जरूरत पड़ने पर अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था महत्वपूर्ण रहेगी।
राज्य सरकार की यह योजना धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सहायता का भी उदाहरण है। कई हबिष्यालियां आर्थिक रूप से सीमित साधनों वाली होती हैं और पूरे महीने पुरी में रहना उनके लिए महंगा हो सकता है। मुफ्त आवास और महाप्रसाद की सुविधा से उनका आर्थिक बोझ कम होगा।
फिलहाल ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुके हैं और प्रशासन ने आवास स्थलों की तैयारी तेज कर दी है। 26 अक्टूबर से शुरू होने वाले कार्तिक व्रत के दौरान 2,500 हबिष्यालियों को पुरी में मुफ्त आवास, महाप्रसाद और श्री जगन्नाथ मंदिर में व्यवस्थित दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।





