ओडिशा

पुरी में अक्टूबर की रिकॉर्ड गर्मी, 36.6 डिग्री पहुंचा पारा; 130 साल में दूसरा सबसे ऊंचा तापमान

Kavita2
6 Oct 2026 10:57 AM IST
पुरी में अक्टूबर की रिकॉर्ड गर्मी, 36.6 डिग्री पहुंचा पारा; 130 साल में दूसरा सबसे ऊंचा तापमान
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पुरी। ओडिशा के प्रसिद्ध तटीय शहर पुरी में अक्टूबर की शुरुआत में ही असामान्य गर्मी ने लोगों को हैरान कर दिया है। सोमवार, 5 अक्टूबर को यहां अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के उपलब्ध ऐतिहासिक आंकड़ों के मुताबिक यह करीब 130 वर्षों में अक्टूबर महीने का दूसरा सबसे अधिक अधिकतम तापमान है। पुरी के तापमान के रिकॉर्ड 1896 से उपलब्ध बताए गए हैं।

इस बार दर्ज 36.6 डिग्री सेल्सियस तापमान ने 4 अक्टूबर 2024 को दर्ज 36.3 डिग्री सेल्सियस के पुराने दूसरे सबसे ऊंचे रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। हालांकि अक्टूबर महीने का सर्वकालिक रिकॉर्ड अभी भी 1 अक्टूबर 2024 का है, जब पुरी में अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। यानी सोमवार का तापमान ऑल टाइम रिकॉर्ड से सिर्फ 0.1 डिग्री कम रहा।

तटीय शहर होने के कारण पुरी में आमतौर पर समुद्री हवाओं और अधिक नमी का असर रहता है। अक्टूबर में मानसून की वापसी का दौर भी चलता है, जिससे मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहता है। ऐसे में 36 डिग्री से ज्यादा तापमान दर्ज होना सामान्य परिस्थितियों से अलग माना जा रहा है। खासतौर पर दो साल के भीतर अक्टूबर के तीन सबसे ऊंचे तापमान में से कई रिकॉर्ड सामने आना मौसम के बदलते स्वरूप की ओर ध्यान खींच रहा है।

5 अक्टूबर को दर्ज असामान्य गर्मी के दौरान दिन में तेज धूप और अधिक आर्द्रता के कारण लोगों को वास्तविक तापमान से ज्यादा गर्मी महसूस हुई। समुद्र तट, बाजार और प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास दोपहर में गर्मी का असर ज्यादा दिखाई दिया। स्थानीय लोगों और पर्यटकों को तेज धूप से बचने के लिए छांव और पानी का सहारा लेना पड़ा।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही गंगीय पश्चिम बंगाल से मध्य महाराष्ट्र तक एक मौसमी ट्रफ सक्रिय है, जो ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, विदर्भ और मराठवाड़ा से होकर गुजर रही है। इसी वजह से राज्य में एक तरफ गर्म और उमस भरा मौसम बना हुआ है, तो दूसरी तरफ बारिश और गरज-चमक की संभावना भी बनी हुई है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के क्षेत्रीय केंद्र ने ओडिशा के कई जिलों में 6 से 9 अक्टूबर के बीच बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। कई जिलों के लिए येलो चेतावनी जारी की गई है। कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है।

6 अक्टूबर को कटक, बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, संबलपुर, मयूरभंज, रायगढ़ा, कोरापुट और गंजाम समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद 7 और 8 अक्टूबर को भी राज्य के उत्तरी, आंतरिक और दक्षिणी हिस्सों में मौसम सक्रिय रह सकता है। 8 अक्टूबर के पूर्वानुमान में पुरी और खुर्दा जैसे तटीय जिलों में भी बारिश और गरज-चमक की संभावना बताई गई है।

मौसम में संभावित बदलाव से पुरी में फिलहाल रिकॉर्ड गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि बारिश से पहले अधिक नमी के कारण उमस बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से तेज धूप में रहने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।

पुरी धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से देश के प्रमुख शहरों में शामिल है। जगन्नाथ मंदिर और समुद्र तट की वजह से यहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में अचानक बढ़ा तापमान यात्रियों के लिए भी परेशानी पैदा कर सकता है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

असामान्य गर्मी के दौरान डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और थकान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि दिन के सबसे गर्म समय में लंबे समय तक बाहर रहने से बचा जाए। बाहर निकलना जरूरी हो तो हल्के कपड़े पहनें, पानी साथ रखें और बीच-बीच में आराम करें।

ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर नजर डालें तो पुरी में अक्टूबर के दौरान इतनी अधिक गर्मी बेहद कम मौकों पर दर्ज हुई है। करीब 130 वर्षों के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि 36.6 डिग्री का स्तर असाधारण है। 2024 में पहले 36.7 डिग्री और फिर 36.3 डिग्री के रिकॉर्ड बने थे। अब 2026 में 36.6 डिग्री ने पिछले दूसरे सबसे ऊंचे रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।

लगातार सामने आ रहे ऐसे रिकॉर्ड के पीछे किसी एक घटना को सीधे जलवायु परिवर्तन से जोड़ना वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं होगा, लेकिन लंबे समय के तापमान रुझानों का अध्ययन इस तरह की असामान्य घटनाओं को समझने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। मौसम वैज्ञानिक तापमान, समुद्री परिस्थितियों, मानसून की वापसी और क्षेत्रीय वायुमंडलीय सिस्टम जैसे कई कारकों का अध्ययन करते हैं।

पुरी में सोमवार की गर्मी ने यह भी दिखाया कि मानसून की विदाई के बाद भी पूर्वी भारत में मौसम अचानक बेहद गर्म हो सकता है। इसके अगले ही दिनों में बारिश और गरज-चमक का पूर्वानुमान मौसम की तेजी से बदलती प्रकृति को दर्शाता है।

फिलहाल 36.6 डिग्री सेल्सियस के साथ पुरी ने अक्टूबर महीने की गर्मी का नया दूसरा सबसे ऊंचा रिकॉर्ड बना दिया है। ऑल टाइम रिकॉर्ड 36.7 डिग्री से यह केवल 0.1 डिग्री नीचे रहा। अब अगले कुछ दिनों में संभावित बारिश से तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है, लेकिन मौसम विभाग ने लोगों को गर्मी और गरज-चमक दोनों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।

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