
पुरी : विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 से पहले ओडिशा पुलिस ने तीर्थ नगरी पुरी में यातायात व्यवस्था को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। लाखों की संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुरी ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर की ओर से एक विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है।
इस बार रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन व्यवस्था लागू की जाएगी। पुलिस ने शहर में 30 विशेष पार्किंग क्षेत्रों की व्यवस्था की है। इसके अलावा AI आधारित ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम, ड्रोन सर्विलांस, एलईडी सूचना प्रणाली और ग्रैंड रोड के आसपास 24 घंटे नो-व्हीकल जोन जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रथ यात्रा के दौरान सबसे बड़ी चुनौती लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करना और यातायात व्यवस्था बनाए रखना होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष पहले से अधिक प्रभावी योजना तैयार की गई है। ट्रैफिक एडवाइजरी में अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग व्यवस्था तय की गई है।
जारी एडवाइजरी के मुताबिक, पुरी शहर में कुल 30 पार्किंग स्थान निर्धारित किए गए हैं। इनमें चार पहिया वाहनों के लिए 22 पार्किंग क्षेत्र बनाए गए हैं, जिनकी कुल क्षमता 7,730 वाहनों की होगी। वहीं दोपहिया वाहनों के लिए चार पार्किंग जोन बनाए गए हैं, जिनमें करीब 15,000 वाहनों को खड़ा करने की सुविधा होगी।
इसके अलावा यात्रियों और श्रद्धालुओं को लेकर आने वाली बसों के लिए चार अलग-अलग बस पार्किंग स्थान तय किए गए हैं। इन पार्किंग स्थलों में लगभग 750 बसों को खड़ा करने की व्यवस्था होगी। पुलिस का कहना है कि अलग-अलग वाहनों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था होने से शहर में जाम की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
इस वर्ष पार्किंग क्षमता बढ़ाने के लिए पिछले साल की तुलना में छह नए पार्किंग स्थान भी जोड़े गए हैं। नई पार्किंग लोकेशन में भूदान, सेंट्रल स्कूल, सेंट्रल स्कूल बैक साइड, ताज, समांगा और श्री सेतु शामिल हैं। इन नए स्थानों को जोड़ने से वर्ष 2025 के मुकाबले कुल पार्किंग क्षमता में करीब 2,100 वाहनों की बढ़ोतरी होगी।
पुलिस ने बताया कि रथ यात्रा के दौरान ग्रैंड रोड और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा। ग्रैंड रोड के आसपास 24 घंटे नो-व्हीकल जोन लागू रहेगा, ताकि रथ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।
यातायात नियंत्रण के लिए AI आधारित निगरानी प्रणाली का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इस तकनीक के माध्यम से भीड़ की स्थिति, वाहनों की आवाजाही और संभावित जाम वाले स्थानों की पहचान की जाएगी। इससे पुलिस को तत्काल निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा ड्रोन कैमरों के जरिए शहर के प्रमुख हिस्सों पर नजर रखी जाएगी। ड्रोन सर्विलांस से भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा निगरानी और आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई करने में सहायता मिलेगी।
पुलिस ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें और निर्धारित पार्किंग स्थानों का ही उपयोग करें। अधिकारियों का कहना है कि यातायात नियमों का पालन करने से सभी श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलेगी और रथ यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सकेगी।
रथ यात्रा दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक मानी जाती है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन और रथ यात्रा में शामिल होने के लिए पुरी पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन सबसे बड़ी प्राथमिकता रहती है।
पुरी पुलिस ने इस बार पारंपरिक व्यवस्थाओं के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए यातायात योजना तैयार की है। अधिकारियों को उम्मीद है कि नई पार्किंग व्यवस्था, डिजिटल निगरानी और बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन से श्रद्धालुओं को कम परेशानी होगी और रथ यात्रा का आयोजन सुचारु रूप से पूरा किया जा सकेगा।





