ओडिशा

ओडिशा में 2 से 5 दिसंबर तक बारिश के आसार, अलर्ट जारी

Deepa Sahu
28 Nov 2021 11:03 PM IST
ओडिशा में 2 से 5 दिसंबर तक बारिश के आसार, अलर्ट जारी
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मौसम विभाग (weather department) ने ओडिशा (Odisha) में अगले 48 घंटों में दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की भविष्यवाणी की है।

मौसम विभाग (weather department) ने ओडिशा (Odisha) में अगले 48 घंटों में दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की भविष्यवाणी की है और साथ ही इसके चक्रवात में बदलने की संभावना जताई है. वहीं ओडिशा सरकार (Odisha Government) ने रविवार को सभी जिला कलेक्टरों को अलर्ट पर रखा और उन्हें स्थिति पर करीब से नजर रखने को कहा है. ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पीके जेना ने जिला कलेक्टरों को लिखे पत्र में कहा कि मौसम विभाग ने 30 नवंबर के आसपास दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने की भविष्यवाणी की है और इसके बाद के 48 घंटों में और अधिक चिह्नित होने और उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है.

जेना ने ये भी उल्लेख किया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 दिसंबर को सुबह 8.30 बजे से 3 दिसंबर को सुबह 8.30 बजे तक जगतसिंहर, केंद्रपाड़ा, कंधमाल, मलकानगिरी, कोरापुट और रायगडा जिलों में कुछ स्थानों पर बारिश की भविष्यवाणी की है. उन्होंने जिला कलेक्टरों से ये सुनिश्चित करने के लिए कहा कि मछुआरे 2 दिसंबर तक तट पर लौट आएं, क्योंकि सतही हवा की गति 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच जाएगी और उस तारीख से पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की संभावना है.
ओडिशा में 2 दिसंबर से 5 दिसंबर तक बारिश होने की संभावना
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि ओडिशा में 2 दिसंबर से 5 दिसंबर तक बारिश होने की संभावना है और दिसंबर के पहले हफ्ते में बंगाल की खाड़ी में चक्रवात की संभावना से इनकार नहीं किया. महापात्रा ने एक स्थानीय समाचार चैनल को बताया कि कम दबाव का क्षेत्र और अधिक चिह्नित होने की संभावना है और सिस्टम में बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवात का आकार लेने की क्षमता होगी. हालांकि हम 30 नवंबर को कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद बारिश की तीव्रता और हवा की गति सहित अधिक जानकारी दे सकते हैं.
आईएमडी के डीजी ने कहा कि अगर कम दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान में बदल जाता है तो उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल प्रभावित हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि हालांकि इस पर अधिक भविष्यवाणी करना जल्दबाजी होगी.


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