ओडिशा

शिक्षा अधिकारी के 7 ठिकानों पर छापा, 19 प्लॉट और 3 इमारतों का खुलासा

Kavita2
12 Oct 2026 2:27 PM IST
शिक्षा अधिकारी के 7 ठिकानों पर छापा, 19 प्लॉट और 3 इमारतों का खुलासा
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भुवनेश्वर। ओडिशा में आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जाजपुर जिले के धर्मशाला में पदस्थ एडिशनल ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर (ABEO) जयदेव जेना से जुड़े सात ठिकानों पर सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को एक साथ छापेमारी की गई। विजिलेंस को अब तक की तलाशी में तीन बहुमंजिला इमारतों, 19 कीमती भूखंडों, सोने के आभूषणों और वाहनों का पता चला है। जयदेव जेना पर अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने का आरोप है। विजिलेंस की टीम बरामद संपत्तियों की जांच और उनके मूल्यांकन में जुटी हुई है।

यह कार्रवाई बेरहामपुर में विजिलेंस के विशेष न्यायाधीश द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर की जा रही है। विजिलेंस के अनुसार, जिन संपत्तियों का पता चला है, उनमें भुवनेश्वर स्थित एक इमारत भी शामिल है। इसके अलावा भुवनेश्वर और गंजाम जिले में कुल 19 कीमती प्लॉट की जानकारी सामने आई है। इन संपत्तियों की नाप-जोख और मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी है। फिलहाल इनकी कुल कीमत का आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है।

सात ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

ओडिशा विजिलेंस ने सोमवार को जयदेव जेना से जुड़े सात स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया।

जेना वर्तमान में जाजपुर जिले के धर्मशाला में एडिशनल ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर के पद पर कार्यरत बताए गए हैं।

उनके खिलाफ ज्ञात आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप सामने आया है।

इसी आरोप के आधार पर विजिलेंस ने संबंधित ठिकानों की तलाशी के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाई।

छापेमारी के दौरान संपत्ति और अन्य सामान से जुड़े विवरण की जांच की जा रही है।

हालांकि, सभी सात स्थानों के सटीक पते और वहां से अलग-अलग मिली सामग्री की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

विशेष न्यायाधीश के वारंट पर कार्रवाई

विजिलेंस की कार्रवाई बेरहामपुर स्थित विजिलेंस के विशेष न्यायाधीश द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर की जा रही है।

सर्च वारंट के माध्यम से जांच एजेंसी को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत संबंधित परिसरों की तलाशी लेने की अनुमति मिलती है।

इस मामले में विजिलेंस ने 12 अक्टूबर 2026 को एक साथ कई ठिकानों पर कार्रवाई की।

छापेमारी का उद्देश्य जयदेव जेना से जुड़ी संपत्तियों और उनकी ज्ञात आय के स्रोतों के बीच अंतर की जांच करना है।

हालांकि, जांच पूरी होने से पहले यह तय नहीं किया जा सकता कि बरामद सभी संपत्तियां अवैध रूप से अर्जित की गई हैं।

इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष दस्तावेजों, आय के विवरण और अन्य साक्ष्यों की जांच के आधार पर ही निकलेगा।

तीन बहुमंजिला इमारतों का पता चला

विजिलेंस के अनुसार, तलाशी के दौरान जयदेव जेना से जुड़ी तीन बहुमंजिला इमारतों का पता चला है।

इनमें से एक इमारत भुवनेश्वर में स्थित बताई गई है।

अन्य दो इमारतों के सटीक स्थान और उनकी संरचना से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

विजिलेंस की टीम इन संपत्तियों का मूल्यांकन कर रही है।

किसी भी अचल संपत्ति की कीमत का निर्धारण उसके स्थान, क्षेत्रफल, निर्माण और अन्य संबंधित तथ्यों के आधार पर किया जाता है।

इसलिए तीनों इमारतों की कुल कीमत के बारे में अभी कोई निश्चित दावा नहीं किया जा सकता।

19 कीमती प्लॉट मिलने से बढ़ी जांच

इस कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण जानकारी 19 भूखंडों से संबंधित है।

ओडिशा विजिलेंस के अनुसार, भुवनेश्वर और गंजाम जिले में कुल 19 कीमती प्लॉट का पता चला है।

इन भूखंडों की नाप-जोख और मूल्यांकन का काम जारी है।

जांच के दौरान जमीन के स्वामित्व, खरीद से संबंधित दस्तावेजों और संपत्ति के मूल्य का परीक्षण महत्वपूर्ण होगा।

हालांकि, इन प्लॉटों का कुल क्षेत्रफल कितना है और इन्हें कब खरीदा गया था, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

यह भी स्पष्ट नहीं है कि सभी भूखंड सीधे जयदेव जेना के नाम पर दर्ज हैं या उनसे अन्य किसी तरीके से जुड़े हैं।

इन तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

सोने के गहने और वाहन भी मिले

विजिलेंस की छापेमारी में अचल संपत्तियों के अलावा सोने के आभूषणों और वाहनों का भी पता चला है।

इन वस्तुओं को भी संपत्ति से संबंधित जांच में शामिल किया जा रहा है।

हालांकि, सोने के गहनों का कुल वजन और अनुमानित कीमत अभी उपलब्ध नहीं है।

इसी तरह कितने वाहन मिले, वे किस प्रकार के हैं और उनके स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों में क्या जानकारी दर्ज है, इसका विवरण भी सामने नहीं आया है।

जांच एजेंसी इन वस्तुओं से संबंधित तथ्यों का सत्यापन कर सकती है।

फिलहाल बरामद संपत्तियों की कुल कीमत को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं दिया गया है।

आय से अधिक संपत्ति का क्या है मामला?

आय से अधिक संपत्ति का मामला तब सामने आता है, जब किसी लोकसेवक की संपत्ति उसकी ज्ञात और वैध आय के स्रोतों की तुलना में असंगत होने का संदेह पैदा करती है।

ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां संबंधित व्यक्ति की आय, खर्च, बचत और संपत्तियों का परीक्षण करती हैं।

संपत्ति की खरीद के लिए धन कहां से आया, यह भी जांच का महत्वपूर्ण विषय होता है।

जयदेव जेना के मामले में विजिलेंस ने इसी प्रकार की आशंका के आधार पर तलाशी अभियान शुरू किया है।

हालांकि, केवल संपत्ति मिलने से किसी व्यक्ति का अपराध सिद्ध नहीं होता।

आरोपों की पुष्टि के लिए संपत्ति के स्रोतों और संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड की जांच आवश्यक होती है।

शिक्षा विभाग के अधिकारी पर आरोप

जयदेव जेना धर्मशाला में एडिशनल ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर के पद पर कार्यरत बताए गए हैं।

यह पद शिक्षा प्रशासन से संबंधित है।

ऐसे में इस पद पर कार्यरत अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का आरोप सामने आने से मामला महत्वपूर्ण हो गया है।

हालांकि, विजिलेंस की कार्रवाई का संबंध फिलहाल उनकी संपत्तियों और ज्ञात आय के स्रोतों से है।

उनके खिलाफ शिक्षा विभाग के किसी विशेष कार्य, नियुक्ति या प्रशासनिक निर्णय में अनियमितता का आरोप उपलब्ध विवरण में नहीं दिया गया है।

इसलिए मामले को बिना पुष्टि किसी अन्य विभागीय अनियमितता से जोड़ना उचित नहीं होगा।

संपत्तियों की नाप-जोख और मूल्यांकन जारी

ओडिशा विजिलेंस ने स्पष्ट किया है कि छापेमारी के दौरान सामने आई संपत्तियों की नाप-जोख और मूल्यांकन किया जा रहा है।

इस प्रक्रिया के बाद अचल संपत्तियों की अनुमानित कीमत अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

इसके अलावा सोने के आभूषणों और वाहनों का मूल्य भी संपत्ति संबंधी आकलन में महत्वपूर्ण हो सकता है।

हालांकि, विजिलेंस ने अब तक कुल संपत्ति की अंतिम कीमत सार्वजनिक नहीं की है।

ऐसे में संपत्तियों की कीमत को लेकर किसी अनुमानित राशि का उल्लेख करना उचित नहीं होगा।

जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी तस्वीर

ओडिशा विजिलेंस की इस कार्रवाई में अब तक तीन बहुमंजिला इमारतों, 19 कीमती प्लॉटों, सोने के आभूषणों और वाहनों का पता चला है।

जयदेव जेना से जुड़े सात ठिकानों पर चल रही तलाशी के दौरान मिले तथ्यों की जांच जारी है।

जांच एजेंसी के लिए अब इन संपत्तियों के स्वामित्व, खरीद के स्रोत और उनकी वास्तविक कीमत का निर्धारण महत्वपूर्ण होगा।

हालांकि, इस मामले में किसी गिरफ्तारी या अंतिम कानूनी निष्कर्ष की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

इसी तरह जयदेव जेना की ओर से आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया भी उपलब्ध विवरण में शामिल नहीं है।

विजिलेंस की कार्रवाई पर नजर

जाजपुर जिले के धर्मशाला में पदस्थ एडिशनल ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर जयदेव जेना के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोप में हुई छापेमारी ने ध्यान खींचा है।

सोमवार को सात ठिकानों पर एक साथ शुरू हुई कार्रवाई में तीन बहुमंजिला इमारतों और 19 भूखंडों का पता चलना जांच का प्रमुख पहलू है।

विजिलेंस की टीम संपत्तियों की नाप-जोख और मूल्यांकन कर रही है।

अब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि कुल संपत्ति कितनी है और वह संबंधित अधिकारी की ज्ञात आय के स्रोतों के अनुपात में कितनी है।

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