
बारगढ़: ओडिशा के बारगढ़ जिले में आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को लेकर विजिलेंस विभाग ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। कटाभाल ग्राम पंचायत के पंचायत एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (PEO) कार्तिकेश्वर बेहरा से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली गई। विजिलेंस के अनुसार शुरुआती तलाशी में दो बहुमंजिला इमारतों, एक मार्केट कॉम्प्लेक्स, एक गोदाम और करीब 30 प्लॉट का पता चला है। इसके अलावा अन्य चल-अचल संपत्तियों और वित्तीय निवेश की जांच भी की जा रही है।
विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई कार्तिकेश्वर बेहरा के पास उनकी आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में कथित रूप से अधिक संपत्ति होने की शिकायत के आधार पर की गई। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों की जांच की जा रही है और संपत्तियों का मूल्यांकन भी कराया जा रहा है।
कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी
आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच के तहत विजिलेंस की अलग-अलग टीमों ने बारगढ़ जिले में बेहरा से जुड़े ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने आवासीय इमारतों के साथ व्यावसायिक संपत्तियों, जमीन से जुड़े दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की।
विजिलेंस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तलाशी में सामने आई संपत्तियां कब खरीदी या बनवाई गईं और इनके लिए धन की व्यवस्था किस स्रोत से की गई।
4,800 वर्ग फुट की दो मंजिला इमारत
विजिलेंस के मुताबिक गैसइलेट के पास कांडागढ़ा में लगभग 4,800 वर्ग फुट क्षेत्रफल में बनी एक दो मंजिला आवासीय इमारत का पता चला है।
अधिकारियों ने इमारत का निरीक्षण करने के साथ उसके निर्माण और स्वामित्व से संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू की है। संपत्ति का वास्तविक बाजार मूल्य तकनीकी मूल्यांकन के बाद सामने आएगा।
विजिलेंस आम तौर पर ऐसी जांच में संबंधित संपत्ति की जमीन की कीमत और भवन के निर्माण पर हुए अनुमानित खर्च का आकलन करती है।
निर्माणाधीन चार मंजिला भवन भी मिला
तलाशी अभियान के दौरान गैसइलेट इलाके में एक चार मंजिला इमारत भी सामने आई है। विजिलेंस के अनुसार इसका निर्माण अभी चल रहा है।
अधिकारियों की जांच में इस इमारत पर अब तक हुए खर्च और निर्माण के लिए इस्तेमाल की गई राशि के स्रोत की पड़ताल की जा सकती है।
निर्माणाधीन भवन से संबंधित जमीन के दस्तावेज, निर्माण अनुमति और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
2,400 वर्ग फुट का मार्केट कॉम्प्लेक्स
कार्रवाई के दौरान कांडागढ़ा में लगभग 2,400 वर्ग फुट में बना एक मार्केट कॉम्प्लेक्स भी मिला है। विजिलेंस इस व्यावसायिक संपत्ति के स्वामित्व और इससे होने वाली संभावित आय की जांच कर रही है।
मार्केट कॉम्प्लेक्स में कितनी दुकानें या व्यावसायिक इकाइयां हैं और उनसे किराए के रूप में कितनी आमदनी होती है, इससे जुड़ी जानकारी भी जांच का हिस्सा हो सकती है।
यदि संपत्ति से नियमित किराया या अन्य व्यावसायिक आय होती है तो अधिकारियों द्वारा उसकी आय संबंधी घोषणा और उपलब्ध रिकॉर्ड का मिलान किया जा सकता है।
गोदाम का भी पता चला
कांडागढ़ा में करीब 1,500 वर्ग फुट क्षेत्रफल वाला एक गोदाम भी विजिलेंस की तलाशी में सामने आया है।
अधिकारियों की टीम गोदाम की कीमत, उसके उपयोग और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि गोदाम का इस्तेमाल निजी या व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।
इन सभी संपत्तियों का मूल्यांकन पूरा होने के बाद ही इनकी कुल कीमत को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
30 प्लॉट के दस्तावेज मिले
विजिलेंस की कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण जानकारी जमीन से जुड़ी सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक गैसइलेट और कांडागढ़ा के आसपास करीब 30 प्लॉट का पता चला है।
इतनी बड़ी संख्या में जमीन के प्लॉट मिलने के बाद विजिलेंस उनकी रजिस्ट्री, खरीद मूल्य, वर्तमान बाजार मूल्य और भुगतान के स्रोत की जांच कर रही है।
जमीनों की खरीद किस अवधि में हुई और वे किसके नाम पर दर्ज हैं, यह भी जांच का अहम हिस्सा होगा।
दस्तावेजों की जांच में जुटी टीम
तलाशी के दौरान संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिलने के बाद विजिलेंस की टीम उनकी जांच कर रही है। इसमें जमीन की रजिस्ट्री, बैंक रिकॉर्ड, निवेश और अन्य वित्तीय दस्तावेज शामिल हो सकते हैं।
जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि संबंधित अधिकारी की वैध आय और उसके नाम या उससे जुड़े लोगों की संपत्तियों के बीच कितना अंतर है।
सभी दस्तावेजों की जांच और संपत्तियों का मूल्यांकन पूरा होने के बाद आय से अधिक संपत्ति का वास्तविक अनुपात निर्धारित किया जा सकेगा।
आय के स्रोतों से होगा संपत्ति का मिलान
आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच एजेंसियां आमतौर पर संबंधित सरकारी कर्मचारी के वेतन, अन्य घोषित आय और वैध निवेश का आकलन करती हैं। इसके बाद उसके खर्च और संपत्तियों की तुलना की जाती है।
कार्तिकेश्वर बेहरा के मामले में भी विजिलेंस उनकी सेवा अवधि के दौरान हुई आय और सामने आई संपत्तियों का मिलान कर रही है।
फिलहाल तलाशी में सामने आई संपत्तियों का होना अपने आप में आरोपों की अंतिम पुष्टि नहीं करता। जांच और वित्तीय मूल्यांकन के बाद ही यह तय होगा कि कितनी संपत्ति वैध आय से खरीदी गई और कितनी संपत्ति का स्रोत स्पष्ट नहीं है।
बैंक खातों और निवेश की भी हो सकती है जांच
विजिलेंस की जांच केवल जमीन और इमारतों तक सीमित नहीं रहने की संभावना है। अधिकारियों द्वारा बैंक खातों, बीमा, निवेश, वाहनों और अन्य वित्तीय संपत्तियों की जानकारी भी खंगाली जा सकती है।
तलाशी में मिलने वाले बैंक दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड जांच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इसके अलावा परिवार के सदस्यों के नाम पर मौजूद संपत्तियों की भी जांच की जा सकती है, यदि उनका संबंध मामले से सामने आता है।
संपत्तियों का मूल्यांकन जारी
दो बहुमंजिला इमारतों, मार्केट कॉम्प्लेक्स, गोदाम और 30 प्लॉट की कुल कीमत अभी स्पष्ट नहीं है। विजिलेंस की तकनीकी टीम संपत्तियों का मूल्यांकन करने के बाद उनकी अनुमानित कीमत तय करेगी।
इसके बाद अधिकारी संबंधित PEO की ज्ञात आय से इसका मिलान करेंगे।
फिलहाल कार्तिकेश्वर बेहरा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को लेकर जांच जारी है। विजिलेंस की तलाशी और दस्तावेजों की पड़ताल पूरी होने के बाद मामले में संपत्तियों की कुल कीमत और आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।





