ओडिशा

केंद्रपाड़ा अस्पताल में भोजन व्यवस्था पर सवाल

Kavita2
30 Aug 2026 12:37 PM IST
केंद्रपाड़ा अस्पताल में भोजन व्यवस्था पर सवाल
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केंद्रपाड़ा। ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिला मुख्यालय अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों और उनके परिजनों को भोजन व्यवस्था को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में मरीजों को दिए जाने वाले खाने को लेकर नियम तय हैं, लेकिन आरोप है कि इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।

मरीजों को भोजन उनके संबंधित वार्ड तक पहुंचाया जाना चाहिए, लेकिन केंद्रपाड़ा अस्पताल में स्थिति अलग दिखाई दे रही है। यहां मरीजों के साथ आए लोगों को खुद भोजन लेने के लिए अस्पताल की तीसरी मंजिल तक जाना पड़ रहा है।

मरीजों के परिजनों को खुद लाना पड़ रहा खाना

जानकारी के अनुसार, अस्पताल में मरीजों के लिए भोजन सप्लाई की जिम्मेदारी एक स्वयं सहायता समूह (SHG) एसोसिएशन को दी गई है। नियमों के मुताबिक एजेंसी को मरीजों तक भोजन पहुंचाने की जिम्मेदारी निभानी होती है।

लेकिन आरोप है कि भोजन वार्डों तक पहुंचाने के बजाय एक तय स्थान से वितरित किया जा रहा है। इसके कारण मरीजों और उनके साथ मौजूद परिजनों को प्लेट और कटोरी लेकर तीसरी मंजिल पर बने वितरण स्थल तक जाना पड़ता है।

कई मरीज ऐसे होते हैं, जो बीमारी या कमजोरी के कारण चलने-फिरने में सक्षम नहीं होते। ऐसे में उनके परिजनों को भोजन लेने के लिए बार-बार ऊपर जाना पड़ता है।

तीसरी मंजिल से किया जा रहा वितरण

बताया जा रहा है कि अस्पताल की तीसरी मंजिल पर एक निर्धारित जगह से भोजन बांटा जाता है। भोजन लेने के लिए मरीजों के परिजन वहां पहुंचते हैं और अपनी बारी का इंतजार करते हैं।

कई बार वहां लंबी कतार लग जाती है। कुछ मामलों में लोग अपनी प्लेट और कटोरियां लाइन में लगाकर खड़े रहते हैं, ताकि उन्हें भोजन मिल सके।

इस व्यवस्था के कारण मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है।

ट्रॉली का करना पड़ता है इंतजार

अस्पताल में भोजन पहुंचाने के लिए ट्रॉली व्यवस्था होने की बात कही जाती है, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उन्हें लंबे समय तक ट्रॉली का इंतजार करना पड़ता है।

कई बार समय पर भोजन नहीं मिलने से मरीजों को परेशानी होती है। अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए समय पर भोजन मिलना इलाज का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, ऐसे में देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

अस्पताल प्रशासन पर उठे सवाल

मरीजों और उनके परिजनों ने सवाल उठाया है कि यदि भोजन वितरण के लिए तय नियम हैं तो उनका पालन क्यों नहीं कराया जा रहा है।

लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मरीजों को मिलने वाला भोजन सीधे उनके वार्ड तक पहुंचे, ताकि गंभीर मरीजों और बुजुर्गों को परेशानी न हो।

वहीं, यह भी सवाल उठ रहा है कि नियमों का पालन नहीं करने के बावजूद संबंधित एजेंसी के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

SHG एसोसिएशन को दी गई है जिम्मेदारी

अस्पताल में भोजन सप्लाई का काम एक SHG एसोसिएशन को सौंपा गया है। इस एजेंसी की जिम्मेदारी मरीजों को निर्धारित मानकों के अनुसार भोजन उपलब्ध कराना है।

हालांकि, भोजन वितरण व्यवस्था को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को नियमित निगरानी करनी चाहिए, ताकि मरीजों को किसी तरह की असुविधा न हो।

मरीजों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला

अस्पताल में भर्ती मरीज पहले से ही बीमारी से जूझ रहे होते हैं। ऐसे में भोजन जैसी बुनियादी सुविधा के लिए उन्हें परेशानी उठानी पड़े तो यह गंभीर विषय माना जाता है।

स्वास्थ्य सेवाओं में मरीजों की सुविधा और सम्मान को प्राथमिकता दी जाती है। इसलिए भोजन वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग उठ रही है।

जांच और सुधार की जरूरत

मरीजों और उनके परिजनों की शिकायतों के बाद अब अस्पताल प्रशासन की भूमिका पर नजर बनी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द व्यवस्था में सुधार करेगा।

यदि भोजन वितरण के नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए और मरीजों को वार्ड तक भोजन पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।

फिलहाल केंद्रपाड़ा जिला अस्पताल में भोजन व्यवस्था को लेकर उठे सवालों ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और मरीजों को राहत कब तक मिलती है।

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