ओडिशा

पुरी: सुदर्शन पटनायक ने पीएम मोदी के 75वें जन्मदिन पर 750 फूलों से बनाया शानदार सैंड आर्ट

SHIDDHANT
16 Sept 2025 11:14 PM IST
पुरी: सुदर्शन पटनायक ने पीएम मोदी के 75वें जन्मदिन पर 750 फूलों से बनाया शानदार सैंड आर्ट
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PURI पुरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर विश्व प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने ओडिशा के पुरी बीच पर 750 कमल के फूलों से सजी एक अद्भुत सैंड आर्ट मूर्ति बनाकर उन्हें अनूठे अंदाज में बधाई दी। यह कलाकृति न केवल सुदर्शन पटनायक की रचनात्मकता और कलात्मक कौशल को दर्शाती है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत के विकास के नजरिए को भी प्रदर्शित करती है। इस सैंड मूर्ति के माध्यम से सुदर्शन पटनायक ने मेक इन इंडिया, आईटी क्षेत्र, ग्रामीण विकास, स्वच्छता और समृद्ध भारत के लिए पीएम मोदी के विजन को खूबसूरती से प्रदर्शित किया। पुरी के सुनहरे समुद्र तट पर बनी यह सैंड मूर्ति 750 कमल के फूलों से सजी है, जो भारतीय संस्कृति में पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक है। यह कलाकृति न केवल देखने में आकर्षक है, बल्कि इसके पीछे गहरा संदेश भी छिपा है। सुदर्शन पटनायक ने अपनी कला के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी की विभिन्न पहलों जैसे "मेक इन इंडिया" के तहत स्वदेशी विनिर्माण, डिजिटल इंडिया के तहत आईटी क्रांति, ग्रामीण विकास और स्वच्छ भारत अभियान को रेखांकित किया है।
यह सैंड मूर्ति भारत के विकास पथ पर पीएम मोदी के योगदान को भी प्रदर्शित करती है। इस अवसर पर सुदर्शन पटनायक ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के 75वें जन्मदिन पर देश और विदेश में लोग अपने-अपने तरीके से उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं। हमने पुरी बीच पर 750 कमल के फूलों से यह रेत की मूर्ति बनाई है। पीएम मोदी हमारे देश को प्रगति के पथ पर ले जाने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत विकास के नए आयाम छू रहा है। मैं भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना करता हूं कि वे उन्हें स्वस्थ और दीर्घायु प्रदान करें। उन्होंने आगे कहा कि इस सैंड मूर्ति का टैगलाइन 'भारत की उड़ान मोदी के साथ' दिया गया है। पीएम मोदी के नेतृत्व में हमारा देश विकास के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। सुदर्शन पटनायक की सैंड मूर्ति सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रही है और यूजर्स इसे सराह रहे हैं। वहीं, पुरी बीच पर आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए यह आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
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