
Odisha ओडिशा: पुरी में स्नान पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को स्थिति उस समय बिगड़ गई जब रथ खाला क्षेत्र में मंदिर के पास बैरिकेड तोड़कर घुसने की कोशिश में कई भक्त घायल हो गए। श्री जगन्नाथ मंदिर के आसपास आयोजित इस वार्षिक धार्मिक आयोजन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, जिससे भीड़ नियंत्रण की स्थिति चुनौतीपूर्ण बन गई।
जानकारी के अनुसार, जैसे-जैसे भीड़ बढ़ती गई, स्नान मंडप के पास रथ खाला की ओर जाने वाले बैरिकेड के बाहर लंबे समय से इंतजार कर रहे श्रद्धालु बेचैन हो गए। इसी दौरान अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से कुछ लोगों ने बैरिकेड तोड़कर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश की, जिससे स्थिति अनियंत्रित हो गई।
भीड़ को रोकने के लिए मौके पर तैनात पुलिस बल ने हस्तक्षेप किया, लेकिन इस दौरान पुलिस और श्रद्धालुओं के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति भी बन गई। भारी भीड़ के दबाव में कई लोग जमीन पर गिर पड़े, जबकि कुछ श्रद्धालु बैरिकेड में फंसकर घायल हो गए।
घटना के दौरान गर्मी और अत्यधिक भीड़ के कारण कई बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सांस लेने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ा। स्थिति बिगड़ती देख बचाव दल और स्वयंसेवकों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और प्रभावित लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराया। साथ ही कई श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को एम्बुलेंस के माध्यम से पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल (DHH) में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि कुछ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
इस पूरी घटना के बाद कई श्रद्धालुओं ने भीड़ प्रबंधन को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पर्याप्त व्यवस्था और बेहतर नियंत्रण न होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। कई लोगों ने पुलिस और जिला प्रशासन को भीड़ नियंत्रण में लापरवाही का जिम्मेदार बताया है।
स्नान पूर्णिमा पुरी का एक प्रमुख धार्मिक आयोजन है, जिसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा का रस्मों के अनुसार सार्वजनिक स्नान कराया जाता है। इस अवसर पर हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं, जिससे सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।
फिलहाल प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लेने का दावा किया है और घायलों के इलाज के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं, आयोजन स्थल पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास जारी है।
इस घटना ने एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिन पर भविष्य में ध्यान देने की आवश्यकता बताई जा रही है।





