ओडिशा

Puri Rath Yatra: दिव्यांगों और बुजुर्गों को सुगम दर्शन, प्रशासन ने की व्हीलचेयर की व्यवस्था

nidhi
24 July 2026 8:37 AM IST
Puri Rath Yatra: दिव्यांगों और बुजुर्गों को सुगम दर्शन, प्रशासन ने की व्हीलचेयर की व्यवस्था
x
पुरी रथ यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान, दिव्यांगों-बुजुर्गों के लिए विशेष व्यवस्था

ODISHA: विश्व प्रसिद्ध पुरी रथ यात्रा में हर वर्ग के श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इस बार प्रशासन ने दिव्यांगों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि वे बिना परेशानी के भगवान जगन्नाथ के आड़प दर्शन कर सकें।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन की ओर से व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा सहायता कर्मियों को भी तैनात किया गया है, जो जरूरतमंद श्रद्धालुओं को दर्शन स्थल तक पहुंचाने में मदद कर रहे हैं।
दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए विशेष पहल
पुरी रथ यात्रा में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भीड़ और लंबी दूरी के कारण बुजुर्गों और दिव्यांगों को कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस बार विशेष व्यवस्था की है, जिसमें—
व्हीलचेयर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सहायता के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
दर्शन व्यवस्था को अधिक सुगम बनाया गया है।
क्या है आड़प दर्शन?
रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा कुछ समय के लिए गुंडिचा मंदिर में विराजमान होते हैं। इस दौरान होने वाले दर्शन को आड़प दर्शन कहा जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, आड़प दर्शन का विशेष महत्व है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पवित्र दर्शन के लिए पुरी पहुंचते हैं।
प्रशासन ने बढ़ाई सुविधाएं
रथ यात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन ने कई स्तरों पर तैयारियां की हैं।
इनमें शामिल हैं—
श्रद्धालुओं के लिए सहायता केंद्र।
स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था।
सुरक्षा कर्मियों की तैनाती।
भीड़ नियंत्रण के उपाय।
बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए विशेष सहायता।
श्रद्धालुओं ने व्यवस्था की सराहना की
दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि व्हीलचेयर और सहायता कर्मियों की सुविधा से उन्हें दर्शन करने में काफी आसानी हो रही है।
कई श्रद्धालुओं के लिए यह व्यवस्था इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उम्र या शारीरिक परेशानी के कारण वे लंबे समय तक पैदल चलने में असमर्थ होते हैं।
रथ यात्रा में सेवा भावना का संदेश
पुरी रथ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सेवा और समर्पण का भी प्रतीक मानी जाती है। प्रशासन और स्वयंसेवकों की ओर से की जा रही सहायता व्यवस्था इसी भावना को दर्शाती है कि हर श्रद्धालु को समान रूप से दर्शन का अवसर मिल सके।
सुरक्षा के साथ सुविधा पर जोर
प्रशासन का कहना है कि रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा भी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगों के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं, ताकि वे बिना किसी परेशानी के धार्मिक अनुष्ठान में भाग ले सकें।

Next Story