ओडिशा

पुरी रथ यात्रा 2026: सुरक्षा के अभेद्य घेरे में होगी विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा

Kavita2
8 July 2026 9:37 AM IST
पुरी रथ यात्रा 2026: सुरक्षा के अभेद्य घेरे में होगी विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा
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पुरी: विश्व प्रसिद्ध पुरी रथ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए ओडिशा सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया है। 16 जुलाई को आयोजित होने वाली इस ऐतिहासिक धार्मिक यात्रा के लिए इस बार तीन-स्तरीय (थ्री-टियर) सुरक्षा प्रणाली लागू की जाएगी, जिसके तहत जमीन, समुद्र और आसमान—तीनों स्तरों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित खतरे से प्रभावी ढंग से निपटना है।

इस संबंध में मंगलवार को राज्य पुलिस मुख्यालय में ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई.बी. खुरानिया की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान रथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन प्रतिक्रिया और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की विस्तृत समीक्षा की गई।

तीन स्तरों पर सुरक्षा का मजबूत घेरा

सुरक्षा एजेंसियों ने इस बार रथ यात्रा के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। इसके तहत शहर और मंदिर परिसर की सुरक्षा के साथ-साथ समुद्री क्षेत्र और हवाई निगरानी को भी विशेष महत्व दिया गया है।

आतंकवाद सहित किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल (इंडियन कोस्ट गार्ड) और मरीन पुलिस संयुक्त रूप से समुद्री क्षेत्र में लगातार गश्त करेंगी। समुद्र के रास्ते किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए विशेष निगरानी अभियान चलाया जाएगा।

समुद्र में तैनात रहेंगी क्विक रिस्पॉन्स टीमें

सुरक्षा योजना के तहत समुद्री गश्ती जहाजों पर क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तैनात की जाएगी। इन टीमों को किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रखा जाएगा। समुद्री सीमा पर लगातार निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की घुसपैठ या सुरक्षा चुनौती का तुरंत जवाब दिया जा सके।

ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक का होगा इस्तेमाल

इस वर्ष सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का भी व्यापक उपयोग किया जाएगा। उन्नत ड्रोन के माध्यम से रथ यात्रा मार्ग, मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों की लगातार हवाई निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही किसी भी अनधिकृत ड्रोन या हवाई खतरे को निष्क्रिय करने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम भी तैनात किए जाएंगे।

अधिकारियों का मानना है कि ड्रोन निगरानी से भीड़ प्रबंधन में सहायता मिलेगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान तेजी से की जा सकेगी।

केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती

बैठक के दौरान केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) तथा एनएसजी की क्विक रिस्पॉन्स यूनिट्स की तैनाती की रणनीति की भी समीक्षा की गई।

इन विशेष बलों को संवेदनशील स्थानों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा ताकि किसी भी सुरक्षा चुनौती का तत्काल सामना किया जा सके। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के प्रशिक्षित जवान विशेष रूप से आतंकवाद-रोधी अभियानों और आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहेंगे।

एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर

बैठक में डीजीपी वाई.बी. खुरानिया ने ओडिशा पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), भारतीय तटरक्षक बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रथ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सभी एजेंसियों को आपसी तालमेल के साथ काम करना होगा।

रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, प्रमुख प्रवेश मार्गों और धार्मिक स्थलों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी ताकि यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

एंटी-सैबोटाज जांच और बम निरोधक दस्ते रहेंगे अलर्ट

सुरक्षा योजना के तहत संवेदनशील स्थानों पर एंटी-सैबोटाज जांच को और तेज किया जाएगा। रथ यात्रा मार्ग, मंदिर परिसर, पार्किंग स्थल और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चलाया जाएगा।

इसके अलावा बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squad) और स्निफर डॉग स्क्वॉड को हाई अलर्ट पर रखा जाएगा। किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

विशेष सुरक्षा वाहन और K-9 स्क्वॉड तैनात

मंदिर परिसर और रथ यात्रा मार्ग पर विशेष सुरक्षा वाहनों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा K-9 डॉग स्क्वॉड, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड से प्रशिक्षित स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और स्पेशल टैक्टिकल यूनिट (STU) के कमांडो भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होंगे।

इन विशेष इकाइयों को किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया जाएगा।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

रथ यात्रा के दौरान हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था को अत्याधुनिक तकनीक और बहु-स्तरीय समन्वय के साथ लागू किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की भी अलग से व्यापक तैयारी की जा रही है।

ओडिशा पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें, संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें और अफवाहों से बचें। प्रशासन का लक्ष्य विश्व प्रसिद्ध पुरी रथ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न कराना है।

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