
Odisha ओडिशा: पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) ने पंजाब के फ़िरोज़पुर कैंटोनमेंट स्थित जगन्नाथ मंदिर द्वारा 23 मई को प्रस्तावित रथ यात्रा आयोजन पर आपत्ति जताई है। प्रशासन का कहना है कि यह आयोजन भगवान जगन्नाथ से जुड़े पारंपरिक धार्मिक पंचांग और शास्त्रीय रीति-रिवाजों के अनुरूप नहीं है।
SJTA के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाधी ने इस संबंध में फ़िरोज़पुर की ज़िलाधिकारी दीपशिखा शर्मा को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में जिला प्रशासन से आग्रह किया गया है कि वे मंदिर को निर्धारित तारीख पर यह आयोजन करने से रोकें।
पत्र में कहा गया है कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा हर वर्ष एक निश्चित तिथि और पारंपरिक अनुष्ठानों के अनुसार आयोजित की जाती है। प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2026 में यह पवित्र उत्सव 16 जुलाई को मनाया जाना निर्धारित है। ऐसे में इससे अलग किसी अन्य तिथि पर रथ यात्रा आयोजित करना परंपरा के विपरीत है।
SJTA ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक परंपरा और शास्त्रीय विधि के अनुसार तय समय से हटकर रथ यात्रा का आयोजन करना उचित नहीं है। उनका कहना है कि इससे न केवल परंपरागत व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि देश और विदेश में रहने वाले जगन्नाथ भक्तों की धार्मिक भावनाएं भी आहत हो सकती हैं।
प्रशासन ने यह भी कहा है कि जगन्नाथ रथ यात्रा एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक धार्मिक उत्सव है, जिसकी तिथि और विधि सदियों पुरानी परंपराओं के आधार पर निर्धारित होती है। इसलिए किसी भी तरह का बदलाव स्वीकार्य नहीं है।
इस पत्र के बाद मामला स्थानीय प्रशासन के संज्ञान में आ गया है और अब इस पर आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चा की संभावना है।
कुल मिलाकर, यह विवाद धार्मिक परंपराओं और स्थानीय स्तर पर आयोजित किए जा रहे उत्सवों के बीच तालमेल को लेकर एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है।





