
Odisha ओडिशा: कालाहांडी जिले के गोलामुंडा ब्लॉक स्थित मकरागुडा गाँव में लंबे समय से चल रहे पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों ने बुधवार को सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की और कहा कि सरकार की जल आपूर्ति योजनाओं के बावजूद उन्हें अब भी सुरक्षित पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है।
गाँव के लोगों का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘जल जीवन मिशन’ योजना का उद्देश्य हर घर तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुँचाना है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। ग्रामीणों के अनुसार यह योजना केवल कागज़ों तक सीमित रह गई है और धरातल पर इसका कोई प्रभाव नहीं दिख रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें मजबूरी में फ्लोराइड युक्त दूषित पानी पीना पड़ रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से खराब पानी के सेवन के कारण गाँव में कई लोग विभिन्न बीमारियों से पीड़ित हैं।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि दूषित पानी के कारण किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों ने कई परिवारों को प्रभावित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक इस समस्या के चलते दो लोगों की मौत भी हो चुकी है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
गाँव वालों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसी कारण उन्हें मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ा और मुख्य मार्ग को जाम कर अपनी आवाज उठानी पड़ी।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने मांग की कि सरकार तुरंत इस क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की स्थायी व्यवस्था करे और फ्लोराइड मुक्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करे। उनका कहना है कि केवल अस्थायी उपायों से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि एक दीर्घकालिक और मजबूत जल आपूर्ति प्रणाली विकसित करनी होगी।
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि बच्चों और बुजुर्गों पर इस समस्या का सबसे अधिक असर पड़ रहा है। लगातार दूषित पानी के सेवन से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं, जिससे ग्रामीण जीवन प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या के समाधान की अपील की है।
इस प्रदर्शन ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं, विशेषकर पेयजल आपूर्ति की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।





