ओडिशा

मौसम की चेतावनी के बीच टला राष्ट्रपति मुर्मु का दौरा, तैयारियों में जुटी ओडिशा सरकार

nidhi
24 Oct 2026 9:55 AM IST
मौसम की चेतावनी के बीच टला राष्ट्रपति मुर्मु का दौरा, तैयारियों में जुटी ओडिशा सरकार
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राष्ट्रपति का ओडिशा दौरा एक सप्ताह आगे बढ़ा
भुवनेश्वर: बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रही मौसमी प्रणाली और संभावित चक्रवात के मद्देनजर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का ओडिशा दौरा एक सप्ताह आगे बढ़ा दिया गया है। राष्ट्रपति का मयूरभंज जिले में 28 और 29 अक्टूबर को दो दिवसीय कार्यक्रम प्रस्तावित था। सामने आई जानकारी के अनुसार, अब यह दौरा 4 और 5 नवंबर को होगा। मयूरभंज के जिलाधिकारी के हवाले से कार्यक्रम में बदलाव की जानकारी दी गई है। प्रतिकूल मौसम की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
राष्ट्रपति के दौरे की तैयारियां जिला स्तर पर चल रही थीं। प्रस्तावित यात्रा में रायरंगपुर और आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रम शामिल थे। अब संबंधित व्यवस्थाओं को संशोधित तारीखों के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा। दौरे का समय बदलने और उसे पूरी तरह रद्द करने में अंतर है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यात्रा को स्थगित करके नई तारीखें निर्धारित की गई हैं।
26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान बनने का अनुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र आगे मजबूत हो सकता है। इसके 24 अक्टूबर को अवदाब, 25 अक्टूबर को गहरे अवदाब और 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना बताई गई है। इसके बाद प्रणाली के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए उत्तरी आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिणी ओडिशा के तटों की ओर जाने का अनुमान है। यह पूर्वानुमान मौसमी प्रणाली के संभावित विकास को बताता है। चक्रवात की वास्तविक तीव्रता और आगे का रास्ता उसके विकसित होने के साथ ज्यादा स्पष्ट होगा। इसलिए किसी एक स्थान पर निश्चित रूप से तूफान टकराने की बात अभी नहीं कही जा सकती। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए आगामी मौसम बुलेटिन महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि दिशा में बदलाव होने से अलग-अलग इलाकों पर प्रभाव भी बदल सकता है।
मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र के हवाले से जारी जानकारी में प्रणाली के 28 अक्टूबर की सुबह उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के बीच तट तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। हालांकि, सटीक स्थान को लेकर आगे के आकलन का इंतजार है। राज्य सरकार इसी संभावित स्थिति को ध्यान में रखकर तैयारी कर रही है।
जिलों को तैयारियां रखने के निर्देश
ओडिशा सरकार ने सभी जिलों को सतर्क किया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा है कि संबंधित विभाग और जिला प्रशासन संभावित परिस्थितियों से निपटने की तैयारी कर रहे हैं। जिलाधिकारियों को आकस्मिक योजनाएं तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। संभावित रूप से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में राहत और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
आपदा प्रबंधन में पहले से की गई तैयारी की भूमिका अहम होती है। तेज हवा या भारी बारिश शुरू होने के बाद लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना कठिन हो सकता है। इसी कारण प्रशासनिक निर्देशों, आश्रय स्थलों की उपलब्धता और स्थानीय संपर्क व्यवस्था का महत्व बढ़ जाता है। लोगों को अपने क्षेत्र के लिए जारी सूचना के आधार पर निर्णय लेना चाहिए। पूरे राज्य में हर जगह समान असर होने का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
मछुआरों के लिए समुद्र से लौटने की सलाह
मौसम विभाग ने समुद्र में मौजूद मछुआरों को 24 अक्टूबर की सुबह तक तट पर लौटने की सलाह दी थी। पूर्वानुमान में 27 अक्टूबर को ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटों के आसपास हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने और इसके बाद हवा की गति बढ़ने की संभावना बताई गई है। शुरुआती चरण में कुछ तटीय इलाकों में बारिश और तेज हवा का असर दिख सकता है।
समुद्र की स्थिति और तटीय क्षेत्र के मौसम में अंतर हो सकता है। किनारे पर मौसम सामान्य दिखने का मतलब यह नहीं कि दूर समुद्र में भी परिस्थितियां सुरक्षित होंगी। मछुआरों और नौका संचालकों के लिए स्थानीय बंदरगाह तथा प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना जरूरी है। यात्रा या समुद्री गतिविधियों से पहले ताजा सूचना देखना बदलती स्थिति को समझने में मदद करेगा।
मुख्यमंत्री की जनसुनवाई भी स्थगित
संभावित चक्रवाती स्थिति के कारण मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की 26 अक्टूबर को भुवनेश्वर में होने वाली जनसुनवाई भी स्थगित कर दी गई है। पहले से ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके लोगों को दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। अगली सुनवाई की तारीख बाद में बताई जाएगी। प्रशासन ने मौसम की स्थिति को देखते हुए यह एहतियाती बदलाव किया है।
जनसुनवाई में शामिल होने की योजना बना रहे लोगों के लिए नई तारीख की सूचना का इंतजार करना उपयोगी होगा। इसी तरह राष्ट्रपति के कार्यक्रम से संबंधित यात्रा की योजना बनाने वालों को संशोधित स्थानीय व्यवस्था की जानकारी लेनी चाहिए। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता संभावित खराब मौसम के दौरान तैयारियां बनाए रखना है। नागरिकों को अपुष्ट संदेशों के बजाय मौसम विभाग और जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करना चाहिए।
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