
Odisha ओडिशा: अहमदाबाद में मंगलवार को आयोजित ओडिशा इन्वेस्टर्स मीट रोड शो को संबोधित करते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य की औद्योगिक क्षमता और भविष्य की विकास योजनाओं पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि ओडिशा भारत के पूर्वी हिस्से को नई ऊर्जा देने के लिए तैयार है, जो देश के अगले आर्थिक विस्तार चरण में स्केल, स्पीड और रणनीतिक पहुंच प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा केवल उद्योगों के लिए अवसर नहीं दे रहा, बल्कि लंबे समय तक टिकाऊ और प्रतिस्पर्धी लाभ भी प्रदान करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत के आर्थिक विस्तार का अगला चरण पूर्वी भारत के उदय के साथ और अधिक संतुलित और मजबूत होगा, जिसमें ओडिशा केंद्र की भूमिका निभाएगा।
अपने संबोधन में माझी ने कहा कि राज्य सरकार एक ऐसा औद्योगिक वातावरण तैयार कर रही है जो भविष्य की जरूरतों के अनुरूप होगा। उन्होंने उद्योग जगत को आमंत्रित करते हुए कहा, “हम यहां यह स्पष्ट संदेश लेकर आए हैं कि ओडिशा भारत के औद्योगिक विकास के अगले अध्याय के लिए तैयार है। हम उद्योगों को हमारे साथ जुड़ने, निवेश करने और आगे बढ़ने के लिए आमंत्रित करते हैं।”
रोड शो में 500 से अधिक उद्योग प्रतिनिधियों, व्यापार संघों और संस्थागत हितधारकों की भागीदारी देखी गई। इस दौरान निवेश संभावनाओं, नीति समर्थन और सुविधाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम में दो सेक्टोरल राउंडटेबल भी आयोजित किए गए, जिनमें टेक्सटाइल सेक्टर प्रमुख रहा। उद्योग विशेषज्ञों के साथ सीधी बातचीत के जरिए निवेश के अवसरों को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 26 वन-ऑन-वन बैठकों की भी अध्यक्षता की, जिनमें विभिन्न क्षेत्रों के निवेशकों और प्रतिनिधियों के साथ व्यक्तिगत चर्चा की गई। इन बैठकों में औद्योगिक विकास, निवेश योजनाओं और राज्य की नीतियों पर फोकस रहा।
टेक्सटाइल सेक्टर पर विशेष चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने ओडिशा और गुजरात के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ की भूमि से लेकर गुजरात के द्वारका तक दोनों राज्यों के बीच गहरे सभ्यतागत संबंध हैं।
उन्होंने आगे कहा कि गुजरात लंबे समय से टेक्सटाइल क्षेत्र में अग्रणी रहा है, जबकि ओडिशा अब एक मजबूत सपोर्टिव इकोसिस्टम, कुशल कार्यबल और नीति आधारित विकास मॉडल के साथ तेजी से उभर रहा है।
मुख्यमंत्री के इस दौरे को राज्य में निवेश आकर्षित करने और औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से ओडिशा ने खुद को पूर्वी भारत के एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया।





