ओडिशा

ओडिशा-झारखंड और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना

Kavita2
28 July 2026 9:48 AM IST
ओडिशा-झारखंड और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना
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ओडिशा : भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को बताया कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा डिप्रेशन पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के तटों को पार कर गया है। यह मौसम प्रणाली मंगलवार तड़के दीघा के पास तट से गुजरी। इसके प्रभाव से आने वाले 24 घंटों के दौरान कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, यह गहरा डिप्रेशन अब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके अगले 24 घंटों में उत्तरी ओडिशा, दक्षिणी झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ के इलाकों से होकर आगे बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

IMD ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने इस सिस्टम के कारण तटीय क्षेत्रों में मौसम काफी सक्रिय हो गया है। समुद्री इलाकों में हवा की गति बढ़ने और समुद्र में हलचल तेज होने की संभावना को देखते हुए मछुआरों और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, डिप्रेशन के आगे बढ़ने के साथ ही इसके प्रभाव वाले राज्यों में भारी वर्षा हो सकती है। विशेष रूप से ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में तेज बारिश के कारण जलभराव, निचले इलाकों में पानी भरने और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है।

पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में भी इस मौसम प्रणाली का असर देखने को मिला है। कई स्थानों पर बादल छाए रहे और बारिश हुई। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। आपदा प्रबंधन टीमों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

ओडिशा में मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन ने जिलों को अलर्ट मोड पर रखा है। राज्य के कई हिस्सों में पहले से ही मानसूनी बारिश जारी है और अब डिप्रेशन के प्रभाव से बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। अधिकारियों ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की अपील की है।

झारखंड के दक्षिणी हिस्सों में भी इस सिस्टम का असर पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिणी झारखंड के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। बारिश के कारण नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि और ग्रामीण क्षेत्रों में परेशानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है।

वहीं, उत्तरी छत्तीसगढ़ में भी मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई है। डिप्रेशन के मार्ग में आने वाले क्षेत्रों में बादल छाए रहने और कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। किसानों को भी मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग समय-समय पर इस तरह की मौसमी प्रणालियों पर नजर रखता है और उनके प्रभाव के आधार पर चेतावनियां जारी करता है। गहरे डिप्रेशन आमतौर पर चक्रवाती तूफान से कमजोर होते हैं, लेकिन इनके कारण बड़े क्षेत्र में भारी बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न दबाव क्षेत्र और डिप्रेशन देश के पूर्वी और मध्य हिस्सों के मौसम को काफी प्रभावित करते हैं। इनके कारण कई बार कम समय में अत्यधिक बारिश होती है, जिससे बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल मौसम विभाग तथा सरकारी एजेंसियों द्वारा जारी सूचनाओं पर भरोसा करें। खासकर नदी किनारे रहने वाले लोगों और निचले इलाकों के निवासियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

फिलहाल मौसम विभाग इस डिप्रेशन की लगातार निगरानी कर रहा है। अगले 24 घंटों में इसके आगे बढ़ने के साथ ही ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ समेत प्रभावित क्षेत्रों में बारिश की स्थिति पर नजर रखी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी के बीच लोगों को सतर्क रहने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

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