ओडिशा

आंगनवाड़ी केंद्र की छत का प्लास्टर गिरा, तीन बच्चे गंभीर घायल; जांच की मांग

Kavita2
7 July 2026 2:34 PM IST
आंगनवाड़ी केंद्र की छत का प्लास्टर गिरा, तीन बच्चे गंभीर घायल; जांच की मांग
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ओडिशा: ओडिशा के बलांगीर जिले में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां आंगनवाड़ी केंद्र के अंदर छत का प्लास्टर गिरने से कई बच्चे घायल हो गए। घटना तुरेकेला ब्लॉक के कुर्ली गांव स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में हुई। हादसे के बाद बच्चों और उनके परिवारों में दहशत का माहौल है।

बताया जा रहा है कि घटना उस समय हुई जब आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चे नियमित कक्षा में शामिल थे। अचानक छत से प्लास्टर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में कई बच्चे आ गए।

कक्षा के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, मंगलवार को आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों की पढ़ाई चल रही थी। बच्चे अपनी कक्षा में बैठे हुए थे, तभी अचानक छत का कमजोर हिस्सा टूटकर गिर पड़ा।

छत से गिरे मलबे की चपेट में आने से पांच बच्चे घायल हो गए। घटना के बाद आंगनवाड़ी केंद्र में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बच्चों को बाहर निकाला और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

तीन बच्चों की हालत गंभीर

हादसे में घायल पांच बच्चों में से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। इनमें एक लड़का और दो लड़कियां शामिल हैं।

घायल बच्चों को इलाज के लिए कांटाबांजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों के सिर, गर्दन और हाथों में चोटें आई हैं।

घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

लगातार बारिश से कमजोर हुई छत

स्थानीय लोगों और प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण आंगनवाड़ी भवन में नमी बढ़ गई थी।

नमी के कारण छत कमजोर हो गई होगी और इसी वजह से प्लास्टर का हिस्सा अचानक टूटकर गिर गया।

हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

भवन निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने आंगनवाड़ी भवन के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि भवन का निर्माण मजबूत तरीके से किया गया होता तो इस तरह की घटना नहीं होती।

लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई हो सकती है, जिसके कारण बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भवन निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

प्रशासन ने शुरू की जांच

हादसे की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जानकारी ली। अधिकारियों की ओर से भवन की स्थिति और घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि छत गिरने के पीछे केवल बारिश और नमी जिम्मेदार थी या फिर निर्माण में किसी तरह की कमी थी।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता

आंगनवाड़ी केंद्र छोटे बच्चों की शिक्षा, पोषण और देखभाल का महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं। ऐसे स्थानों पर भवन की सुरक्षा बेहद जरूरी होती है।

इस घटना के बाद जिले के अन्य आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन को सभी पुराने और जर्जर भवनों की जांच करानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग

कुर्ली गांव के लोगों ने मांग की है कि घटना की निष्पक्ष जांच हो और यदि भवन निर्माण में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।

बच्चों का इलाज जारी

फिलहाल घायल बच्चों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिवारों के बीच चिंता का माहौल है और सभी बच्चों के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि घटना की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। वहीं, इस हादसे ने एक बार फिर सरकारी भवनों की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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