
राउरकेला: राउरकेला की एक अदालत में याचिका दायर की गई है। इसमें नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT-R) को कैंपस के विस्तार के लिए 1,872 पेड़ काटने की वन विभाग से मिली मंज़ूरी की वैधता को चुनौती दी गई है और संस्थान को इस काम को आगे बढ़ाने से रोकने की मांग की गई है।
बुधवार को याचिका स्वीकार करते हुए, सिविल जज (सीनियर डिवीज़न) की अदालत ने 11 संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए। इनमें NIT-R, राउरकेला के डिवीज़नल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) और सुंदरगढ़ के कलेक्टर शामिल हैं। अदालत ने उन्हें 7 जुलाई तक पेश होने और अपना जवाब (शो-कॉज़ रिप्लाई) दाखिल करने का निर्देश दिया।
याचिकाकर्ताओं ने यथास्थिति बनाए रखने के लिए एकतरफा अंतरिम रोक (ex parte ad-interim injunction) की मांग की थी, लेकिन अदालत ने कोई भी आदेश पारित करने से पहले संबंधित पक्षों को अपनी बात रखने का मौका देने का फैसला किया।
यह याचिका दिल्ली हाई कोर्ट के वकील और सुंदरगढ़ के रहने वाले वशिष्ठ राय (45) ने राउरकेला के वकीलों आर.के. सिंह (67) और एस.के. प्रधान (50) के साथ मिलकर दायर की थी। उन्होंने NIT-R में सिविल इंजीनियरिंग विभाग की नई इमारत के निर्माण के लिए तय ज़मीन पर पेड़ काटने के लिए DFO द्वारा दी गई मंज़ूरी की वैधता पर सवाल उठाए।





