
Odisha ओडिशा: महीनेभर चले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद जारी ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में बड़ा बदलाव सामने आया है। रविवार को जारी सूची के अनुसार राज्यभर में 20 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जिसमें सबसे ज्यादा नाम गंजम जिला में हटाए गए हैं।
भारत निर्वाचन आयोग के तहत चलाए गए इस विशेष अभियान में घर-घर जाकर व्यापक सत्यापन किया गया, जिसके बाद मतदाता सूची को अपडेट किया गया। इस प्रक्रिया में कुल 20,12,676 नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल के अनुसार, राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या 3,33,99,591 से घटकर 3,13,87,034 रह गई है। यह बदलाव विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत किए गए सत्यापन अभियान का परिणाम है, जिसमें फर्जी, दोहरे या अनुपस्थित मतदाताओं के नाम हटाए जाने की प्रक्रिया शामिल थी।
जारी आंकड़ों के मुताबिक, नई सूची में 1.60 करोड़ पुरुष और 1.53 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं। चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने के उद्देश्य से यह संशोधन किया गया है।
मुख्य निर्वाचन कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान पूरे राज्य में एक समान तरीके से चलाया गया, जिसमें बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन किया गया। इस दौरान उन नामों को हटाया गया जिनकी पहचान की पुष्टि नहीं हो सकी या जो विभिन्न कारणों से सूची में शामिल नहीं होने चाहिए थे।
गंजम जिले में सबसे अधिक नाम हटाए जाने की वजह से यह जिला चर्चा में है। अधिकारियों के अनुसार, यहां बड़े पैमाने पर सत्यापन कार्य किया गया, जिससे मतदाता सूची में बड़े स्तर पर सुधार हुआ है।
चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के विशेष अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना और आगामी चुनावों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकना है। इससे चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बढ़ती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मतदाता सूची का नियमित रूप से अपडेट होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि केवल पात्र नागरिक ही मतदान कर सकें और फर्जी या डुप्लीकेट नामों की संभावना खत्म हो।
हालांकि, इस बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के बाद कुछ क्षेत्रों में लोगों के बीच असंतोष भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में निर्वाचन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के नाम गलती से हट गए हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुनः आवेदन कर सकते हैं।
राज्य प्रशासन ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि वे मतदाताओं की शिकायतों का शीघ्र समाधान करें और पुनः सत्यापन की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करें।
कुल मिलाकर, ओडिशा में SIR के बाद मतदाता सूची में हुए इस बड़े बदलाव को चुनावी प्रणाली को अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





