ओडिशा

OMFED ने दर्ज किया अब तक का सबसे अधिक 1,036.82 करोड़ का टर्नओवर

Kavita2
30 May 2026 10:51 AM IST
OMFED ने दर्ज किया अब तक का सबसे अधिक 1,036.82 करोड़ का टर्नओवर
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Odisha ओडिशा: ओडिशा स्टेट कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स फेडरेशन लिमिटेड (OMFED) ने वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक का सबसे अधिक टर्नओवर दर्ज किया है। फेडरेशन ने इस अवधि में 1,036.82 करोड़ रुपये का कारोबार किया है, जो संगठन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

यह जानकारी राजधानी भुवनेश्वर में स्थित OMFED के मुख्यालय में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान सामने आई। इस बैठक की अध्यक्षता मत्स्य पालन और पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मल्लिक ने की। बैठक में फेडरेशन के प्रदर्शन, वित्तीय स्थिति और आगे की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, OMFED ने वित्त वर्ष 2025-26 में 10.23 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) भी दर्ज किया है। यह लाभ इस बात का संकेत है कि संगठन न केवल अपने कारोबार का विस्तार कर रहा है, बल्कि वित्तीय रूप से भी मजबूत स्थिति में पहुंच रहा है।

बैठक के दौरान मंत्री गोकुलानंद मल्लिक ने OMFED की उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि यह संगठन उपभोक्ताओं के बीच गुणवत्ता, शुद्धता और स्वाद का एक भरोसेमंद प्रतीक बनकर उभरा है। उन्होंने यह भी कहा कि OMFED ने राज्य के लाखों डेयरी किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।

OMFED ओडिशा में दुग्ध उत्पादन और डेयरी विकास के क्षेत्र में एक प्रमुख सहकारी संस्था के रूप में काम करता है, जो किसानों से दूध संग्रह कर उसे प्रोसेसिंग और वितरण प्रणाली के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचाता है।

फेडरेशन की यह उपलब्धि राज्य के डेयरी सेक्टर के लिए एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर प्रबंधन, किसानों की भागीदारी और उत्पादों की बढ़ती मांग के कारण संगठन के टर्नओवर में यह बढ़ोतरी संभव हुई है।

समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने यह भी बताया कि आने वाले समय में OMFED अपने उत्पाद पोर्टफोलियो को और विस्तृत करने, तकनीकी सुधार लाने और ग्रामीण स्तर पर दूध उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगा।

मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य डेयरी सेक्टर को और मजबूत करना है, ताकि किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराए जा सकें।

इस उपलब्धि के साथ OMFED ने राज्य की अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका को और मजबूत किया है और यह संकेत दिया है कि सहकारी मॉडल के माध्यम से ग्रामीण विकास को नई गति दी जा सकती है।

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