
Odisha ओडिशा: सरकार ने सुभद्रा योजना के तहत एक बड़ी वित्तीय सहायता जारी करते हुए 79,000 से अधिक लाभार्थियों को ₹61 करोड़ से ज्यादा की राशि प्रदान की है। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य लाभार्थी सरकारी सहायता से वंचित न रह जाए।
डिप्टी चीफ मिनिस्टर प्रवती परिदा ने जानकारी देते हुए कहा कि सभी पात्र मामलों को एक मजबूत वेरिफिकेशन प्रक्रिया और शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से सुलझाया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता यह है कि वास्तविक लाभार्थियों को समय पर योजना का लाभ मिले।
इस विशेष भुगतान प्रक्रिया के तहत उन लाभार्थियों को भी वित्तीय सहायता दी गई, जो पहले योजना की पहली, दूसरी या तीसरी किस्त प्राप्त नहीं कर सके थे। इनमें कई लोग तकनीकी कारणों से योजना से बाहर रह गए थे, जैसे इनएक्टिव NPCI लिंकिंग, e-KYC बायोमेट्रिक त्रुटियां और लंबित शिकायतों का समाधान न होना।
सरकार ने इन समस्याओं को दूर करते हुए Direct Benefit Transfer (DBT) प्रणाली के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि ट्रांसफर की। इससे पारदर्शिता सुनिश्चित होने के साथ ही भुगतान प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाया गया है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 21,901 लाभार्थियों को पहली किस्त, 22,347 को दूसरी किस्त और 79,601 लाभार्थियों को तीसरी किस्त के तहत लाभ दिया गया है। यह आंकड़े योजना के व्यापक दायरे और सरकार की सक्रियता को दर्शाते हैं।
डिप्टी चीफ मिनिस्टर प्रवती परिदा ने इस अवसर पर गंजम, जाजपुर और कालाहांडी सहित कई जिलों के प्रशासन के साथ छूटे हुए लाभार्थियों की स्थिति की समीक्षा भी की। उन्होंने अधिकारियों को वेरिफिकेशन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि सभी पात्र लोगों को समय पर योजना में शामिल किया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी पात्र व्यक्ति तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से योजना से बाहर न रहे।
इस कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे और पूरी प्रक्रिया की निगरानी की गई।
कुल मिलाकर, सुभद्रा योजना के तहत यह भुगतान ओडिशा सरकार की सामाजिक कल्याण नीतियों और डिजिटल भुगतान प्रणाली के माध्यम से पारदर्शिता और समावेशन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





