
Odisha ओडिशा: केंद्र सरकार ने ओडिशा के सड़क और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए सेंट्रल रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (CRIF) पहल के तहत 2026-27 वित्तीय वर्ष में 10 सड़क परियोजनाओं के लिए 769 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी है। इस बारे में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से बताया कि केंद्र सरकार की इस मंजूरी का उद्देश्य राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और विकास कार्यों को गति देना है। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं विशेष रूप से ओडिशा के दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
माझी के अनुसार, इस फंड से कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी की जाएंगी। बरहामपुर शहर में दो नए फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा, जिनमें सिल्क सिटी क्षेत्र के टाटा बेंज स्क्वायर और गिरी रोड जंक्शन शामिल हैं। इन फ्लाईओवरों से शहर में यातायात दबाव कम होने और आवागमन सुगम होने की उम्मीद है।
इसके अलावा, कोरापुट जिले में सेमिलिगुडा-हांडीपुट रोड और लामटापुट-मछकुंड रोड के विकास कार्य किए जाएंगे। इन सड़कों के सुधार से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होने की संभावना है।
नबरंगपुर जिले में उमरकोट-चंदाहांडी-मालगांव रोड और नुआपाड़ा में खरियार-अमोदी-बेलटुकरी रोड को चौड़ा करने की योजना भी इस परियोजना का हिस्सा है। इससे इन क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि झारसुगुड़ा जिले में भी CRIF फंड के तहत कई सड़क परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। साथ ही गजपति जिले में रामगिरी-जिरंग-नारायणपुर रोड और अडाबा-पानीगंडा रोड के चौड़ीकरण का काम किया जाएगा।
बालासोर जिले में जलेश्वर-बटाग्राम-चंदनेश्वर रोड के विकास के लिए भी कदम उठाए जाएंगे, जिससे तटीय क्षेत्रों में आवागमन और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से राज्य के विभिन्न हिस्सों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह निर्णय ओडिशा के समग्र विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राज्य में न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच दूरी भी कम होगी। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार, व्यापार और सेवाओं तक पहुंचने में भी आसानी होगी।





