
Odisha ओडिशा:ओडिशा के बलांगीर जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही को उजागर करने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां खपराखोल ब्लॉक के कोशलपाड़ा इलाके में एक गर्भवती महिला को एम्बुलेंस तक पहुंचाने के लिए स्लिंग का सहारा लेना पड़ा। इस घटना के बाद दो नवजात शिशुओं की मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, महिला को प्रसव पीड़ा होने पर पहले खपराखोल अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसने पहले बच्चे को जन्म दिया। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि महिला एक और बच्चे को जन्म दे रही है, जिसके बाद उसकी स्थिति को देखते हुए उसे पटनागढ़ अस्पताल रेफर कर दिया गया।
पटनागढ़ अस्पताल में महिला ने दूसरे बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद दोनों नवजातों की हालत नाजुक बताई गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए बलांगीर जिला मुख्यालय अस्पताल (DHH) रेफर करने का निर्णय लिया।
हालांकि, इस दौरान परिवहन की उचित सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण महिला और नवजातों को एम्बुलेंस तक पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को स्लिंग का सहारा लेना पड़ा। यह दृश्य इलाके में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
रेफरल प्रक्रिया के दौरान ही दोनों नवजातों की हालत लगातार बिगड़ती गई और रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि यदि समय पर उचित एम्बुलेंस और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती, तो नवजातों की जान बचाई जा सकती थी। ग्रामीणों ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की खराब स्थिति पर नाराजगी जताई है और तत्काल सुधार की मांग की है।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की कमियों को उजागर कर दिया है। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की बात कही गई है।





