ओडिशा

Odisha : मलकानगिरी में माओवादी डंप से हथियार बरामद

Kavita2
28 Jun 2026 12:13 PM IST
Odisha : मलकानगिरी में माओवादी डंप से हथियार बरामद
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Odisha ओडिशा: मलकानगिरी जिले में पुलिस ने एक बड़े एंटी-माओवादी ऑपरेशन के तहत भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और संचार उपकरण बरामद किए हैं। यह कार्रवाई जिला वॉलंटरी फोर्स (DVF) द्वारा रविवार को ओडिशा-आंध्र प्रदेश सीमा क्षेत्र में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान की गई।

पुलिस के अनुसार, यह बरामदगी उन माओवादियों से मिली जानकारी के आधार पर हुई है जिन्होंने हाल ही में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद सुरक्षा बलों ने कड़ी निगरानी के साथ इलाके में तलाशी अभियान चलाया।

मलकानगिरी जिले के कालीमेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत गुंथबाड़ा और कदमगुडा के घने जंगलों में यह सर्च ऑपरेशन चलाया गया। यह क्षेत्र आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू (ASR) जिले के मोटुगुडेम और डोनकराई थाना क्षेत्रों की सीमा से सटा हुआ है। रविवार सुबह लगभग 6:30 बजे सुरक्षा बलों को माओवादियों का एक बड़ा डंप मिला।

बरामद सामग्री में दो सेल्फ लोडिंग राइफल (SLR), दो देसी पिस्तौल, एक अमेरिका निर्मित बिना मैगजीन वाली पिस्तौल, एक .303 राइफल बैरल, दो आईईडी (2 किलो और 5 किलो वजन वाले), एक क्लेमोर माइन, चार BGL सेल और पांच कारतूस शामिल हैं। इसके अलावा सात वॉकी-टॉकी भी बरामद किए गए हैं।

सर्च के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिले हैं, जिनमें 45 पेन ड्राइव, एक हार्ड डिस्क, एक कीबोर्ड, बैटरी और चार्जर शामिल हैं। इसके साथ ही एक मेडिसिन किट भी बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि कुछ ऐसे सामान भी मिले हैं जिनका उपयोग विस्फोटक उपकरण बनाने में किया जा सकता था।

अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरा जखीरा आंध्र-ओडिशा बॉर्डर स्पेशल जोनल कमेटी (AOBSZC) से जुड़े माओवादी कैडर का हो सकता है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह सामग्री लंबे समय से जंगल में छिपाकर रखी गई थी।

पुलिस ने बताया कि बरामद हथियारों और विस्फोटकों का उद्देश्य न केवल सुरक्षा बलों को निशाना बनाना था, बल्कि आम नागरिकों को भी नुकसान पहुंचाने की साजिश हो सकती थी। हालांकि समय रहते की गई कार्रवाई से एक बड़ी घटना को टाल दिया गया।

सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान जारी रखा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस डंप से जुड़े अन्य ठिकाने कहीं आसपास तो नहीं हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से मिली जानकारी इस ऑपरेशन में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई। इसी इनपुट के आधार पर इलाके को चिन्हित कर कार्रवाई की गई।

इस सफलता को माओवादी गतिविधियों पर एक बड़ी रोकथाम के रूप में देखा जा रहा है, खासकर ओडिशा-आंध्र सीमा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में, जहां लंबे समय से नक्सली गतिविधियां सक्रिय रही हैं।

फिलहाल बरामद सभी हथियारों और सामग्री को जब्त कर आगे की फॉरेंसिक और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे नेटवर्क को उजागर करने में जुटी हैं।

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