
Odisha ओडिशा: ओडिशा सरकार ने राज्य में वॉटर-बेस्ड एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत राज्य के पांच जिलों में एडवेंचर स्पोर्ट्स और वॉटर टूरिज्म से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान और उनका वेरिफिकेशन किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य राज्य के प्राकृतिक जल संसाधनों और पर्यटन स्थलों का बेहतर उपयोग कर पर्यटन को नई दिशा देना है।
पर्यटन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ओडिशा में वॉटर-बेस्ड एडवेंचर टूरिज्म प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए राज्य के प्राकृतिक झीलों, नदियों और अन्य जल स्रोतों को विकसित कर एडवेंचर गतिविधियों के लिए उपयोग में लाने की योजना बनाई जा रही है।
‘ओडिशा एडवेंचर टूरिज्म गाइडलाइंस, 2025’ के तहत पर्यटन विभाग को विभिन्न स्थानों पर वॉटर एडवेंचर गतिविधियों की स्थापना के लिए ‘गो एडवेंचर’ पोर्टल के माध्यम से कई नए आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों की जांच और मूल्यांकन की प्रक्रिया को पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है।
पर्यटन निदेशक दीपांकर महापात्रा ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि किसी भी प्रस्तावित स्थान को मंजूरी देने से पहले उसका संयुक्त भौतिक सत्यापन और तकनीकी मूल्यांकन अनिवार्य रूप से किया जाए। इसके लिए विशेषज्ञों की टीम मौके पर जाकर सभी आवश्यक पहलुओं की जांच करेगी।
इसके साथ ही पर्यटन विभाग ने पुरी, गंजम, जगतसिंहपुर, संबलपुर और सुंदरगढ़ जिलों के जिला कलेक्टरों और जिलाधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे निरीक्षण प्रक्रिया के दौरान आने वाली तकनीकी टीमों को पूरा सहयोग प्रदान करें, ताकि कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।
इन जिलों का चयन इसलिए किया गया है क्योंकि यहां प्राकृतिक जल संसाधनों की उपलब्धता और पर्यटन की संभावनाएं अधिक हैं। सरकार का मानना है कि यदि इन क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से वॉटर-एडवेंचर गतिविधियों को विकसित किया जाए, तो राज्य में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
इस पहल के तहत कयाकिंग, रिवर राफ्टिंग, बोटिंग और अन्य वॉटर स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित किए जाने की संभावना है। साथ ही सुरक्षा मानकों और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए परियोजनाओं को लागू करने की तैयारी की जा रही है।
ओडिशा सरकार की यह पहल राज्य को एडवेंचर टूरिज्म के एक उभरते हुए केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं के पूरा होने पर पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलने की उम्मीद है।





