
Odisha ओडिशा: ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत ओडिशा विजिलेंस ने गुरुवार को भद्रक जिले में एक बड़ी छापेमारी की। यह कार्रवाई CAD डिवीजन के जूनियर इंजीनियर बिजय कुमार मोहंती से जुड़ी कई संपत्तियों पर एक साथ की गई, जिन पर आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप है।
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच और तलाशी अभियान में यह सामने आया है कि आरोपी इंजीनियर और उनके परिवार के नाम पर बड़ी मात्रा में अचल और चल संपत्तियां पाई गई हैं। टीम को दो बहुमंजिला इमारतें, सात कीमती भूखंड, नकदी और अन्य संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं।
छापेमारी के दौरान भद्रक शहर के समरईपुर इलाके में एक तीन मंजिला इमारत मिली, जबकि बालासोर जिले के बस्ता क्षेत्र के नरसिंगडीहा में एक दो मंजिला इमारत का पता चला। इन दोनों संपत्तियों की जांच और मूल्यांकन विजिलेंस टीम द्वारा किया जा रहा है।
इसके अलावा, टीम ने अलग-अलग स्थानों पर सात प्लॉट भी चिन्हित किए हैं। इनमें भद्रक शहर में दो प्लॉट, भुवनेश्वर के बाहरी इलाके में एक प्लॉट, बस्ता शहर के पास तीन प्लॉट और रसगोविंदपुर क्षेत्र के अमरदा में एक प्लॉट शामिल है। इन सभी संपत्तियों की माप और मूल्यांकन तकनीकी विंग द्वारा किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि इन संपत्तियों का बाजार मूल्य और स्रोत की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह संपत्ति वैध आय से अर्जित की गई है या नहीं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, संपत्तियों की कुल कीमत काफी अधिक हो सकती है, हालांकि आधिकारिक मूल्यांकन अभी जारी है।
छापेमारी के दौरान टीम को नकदी भी बरामद हुई है। अधिकारियों के अनुसार, कुल 1,73,180 रुपये नकद मिले हैं। इसके अलावा सोने के गहनों की भी जांच की जा रही है, जिनका वजन और मूल्यांकन अभी चल रहा है।
ओडिशा विजिलेंस ने बताया कि यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच के तहत की गई है और आगे भी जांच जारी रहेगी। टीम अब बैंक खातों, निवेश और अन्य वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है।
विजिलेंस विभाग ने संकेत दिया है कि अगर आगे की जांच में और संपत्तियों या अवैध लेन-देन का पता चलता है तो मामले में और कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, इस छापेमारी के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और प्रशासनिक स्तर पर यह मामला एक बड़े भ्रष्टाचार जांच के रूप में देखा जा रहा है।





