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ओडिशा विजिलेंस की कार्रवाई, जमीन म्यूटेशन में मदद के नाम पर 25 हजार रिश्वत लेते RI गिरफ्तार

Kavita2
15 July 2026 5:22 PM IST
ओडिशा विजिलेंस की कार्रवाई, जमीन म्यूटेशन में मदद के नाम पर 25 हजार रिश्वत लेते RI गिरफ्तार
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रायगढ़ : ओडिशा विजिलेंस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रायगढ़ जिले के गुनुपुर तहसील क्षेत्र के एक रेवेन्यू इंस्पेक्टर (RI) को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी पर जमीन के म्यूटेशन मामले में अनुकूल जांच रिपोर्ट जमा करने और रिकॉर्ड ऑफ राइट्स (ROR) जारी कराने में मदद के बदले 25 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है।

गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान सुशांत मलिक के रूप में हुई है, जो गुनुपुर तहसील के अंतर्गत सिरिझुली सर्कल के रेवेन्यू इंस्पेक्टर के पद पर तैनात था।

विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अपनी पुश्तैनी जमीन के म्यूटेशन के लिए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके लिए उसने जरूरी सरकारी शुल्क भी जमा किया था। लेकिन आरोप है कि आवेदन प्रक्रिया को बिना किसी उचित कारण के लंबे समय तक लंबित रखा गया।

शिकायत के मुताबिक, रेवेन्यू इंस्पेक्टर सुशांत मलिक ने कथित तौर पर आवेदक से संपर्क किया और म्यूटेशन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत की मांग की। आरोप है कि मलिक ने अनुकूल जांच रिपोर्ट तैयार करने और आवेदक के नाम पर रिकॉर्ड ऑफ राइट्स (ROR) जारी कराने में सहायता करने के बदले 25 हजार रुपये मांगे।

ROR को आमतौर पर जमीन के पट्टे या स्वामित्व रिकॉर्ड के रूप में जाना जाता है। यह दस्तावेज जमीन से जुड़े अधिकारों और रिकॉर्ड की पुष्टि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

रिश्वत की मांग से परेशान शिकायतकर्ता ने ओडिशा विजिलेंस विभाग से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने आरोपी को पकड़ने के लिए योजना बनाई।

विजिलेंस टीम ने इसके बाद एक जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता को आरोपी के पास रिश्वत की रकम लेकर भेजा गया। जैसे ही आरोपी ने कथित तौर पर 25 हजार रुपये स्वीकार किए, विजिलेंस अधिकारियों ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

कार्रवाई के दौरान विजिलेंस टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली। इसके बाद आरोपी रेवेन्यू इंस्पेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इसके साथ ही मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस तरह की अन्य अनियमितताएं भी हुई हैं।

ओडिशा विजिलेंस लगातार सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चला रहा है। जमीन, राजस्व और प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े मामलों में रिश्वत की शिकायतें मिलने के बाद विभाग विशेष निगरानी रख रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि सरकारी सेवाओं के लिए आम लोगों से अवैध रूप से पैसे मांगने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विजिलेंस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है तो इसकी शिकायत तुरंत विभाग से करें।

गौरतलब है कि जमीन से जुड़े मामलों में म्यूटेशन और रिकॉर्ड ऑफ राइट्स जैसे दस्तावेज आम नागरिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे मामलों में देरी या रिश्वत की मांग से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। विजिलेंस की यह कार्रवाई एक बार फिर यह संदेश देती है कि भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

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