
Odisha ओडिशा: ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले के चार प्रवासी मजदूरों और उत्तर प्रदेश के एक मजदूर ने भारत सरकार और संबंधित राज्य सरकारों से तत्काल मदद की अपील की है। मजदूरों का आरोप है कि वे पिछले कई महीनों से थाईलैंड में बिना वेतन, बिना पासपोर्ट और पर्याप्त भोजन के फंसे हुए हैं।
मजदूरों ने वीडियो संदेश के जरिए अपनी आपबीती साझा करते हुए भारत वापस लाने की मांग की है। यह सभी मजदूर ओडिशा के राजकनिका और औल ब्लॉक के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जबकि एक मजदूर उत्तर प्रदेश का निवासी है।
जानकारी के अनुसार, ये सभी मजदूर थाईलैंड के काबिन बुरी जिले में एक प्लाइवुड बनाने वाली कंपनी में काम कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें लगभग एक साल पहले टूरिस्ट वीजा पर भर्ती कर थाईलैंड ले जाया गया था, जहां उनसे काम करवाया गया लेकिन उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती गई।
मजदूरों का कहना है कि कंपनी मालिक ने उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए और कई बार अनुरोध करने के बावजूद उन्हें वापस नहीं किया गया। इसके चलते वे किसी तरह देश भी नहीं लौट पा रहे हैं।
इसके अलावा मजदूरों ने आरोप लगाया कि पिछले चार महीनों से उन्हें वेतन नहीं दिया गया है। लगातार सैलरी न मिलने और खाने-पीने की कमी के कारण उनकी स्थिति बेहद खराब हो गई है। मजदूरों ने बताया कि वे रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं और मानसिक तनाव में हैं।
वीडियो संदेश में मजदूरों ने भारत सरकार और ओडिशा व उत्तर प्रदेश सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि उन्हें सुरक्षित तरीके से भारत वापस लाया जाए और उनके फंसे हुए दस्तावेज़ और बकाया वेतन दिलाने के लिए कार्रवाई की जाए।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मामले की जानकारी संबंधित प्रशासन तक पहुंच चुकी है और अब भारतीय दूतावास की भूमिका पर भी नजरें टिकी हैं।
यह मामला प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और विदेशों में रोजगार के नाम पर होने वाली अनियमितताओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।





