
Odisha ओडिशा: गजपति जिले की महेंद्रगिरी पहाड़ी पर रविवार को आए आंधी-तूफान के दौरान लापता हुए टूरिस्ट बिनोद जेना की सोमवार सुबह मौत हो गई। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी मौत बिजली गिरने से हुई हो सकती है।
मरने वाले बिनोद जेना कटक जिले के नियाली ब्लॉक के ओलाटपुर गांव के रहने वाले थे। जानकारी के मुताबिक, बिनोद अपने तीन दोस्तों के साथ परालाखेमुंडी घूमने गए थे और किसी रिश्तेदार के घर भी रुके थे। लंच के बाद, ग्रुप ने एक कार किराए पर ली और महेंद्रगिरी की ओर रवाना हुआ।
अर्जुन गुफा से भीम मंदिर की ओर ट्रेकिंग के दौरान ग्रुप अचानक आंधी-तूफान में फंस गया। बचने के लिए बिनोद के तीन दोस्त भीम मंदिर में चले गए, जबकि बिनोद कथित तौर पर नीचे की ओर भागा। मौसम में तेज बारिश और तूफान की वजह से बिनोद को ढूंढना मुश्किल हो गया।
बारिश थमने के बाद, तीनों दोस्तों ने बिनोद को खोजने का प्रयास किया लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने पास के वॉचटावर और रिसॉर्ट में तैनात फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों को सूचित किया। फॉरेस्ट विभाग और स्थानीय पुलिस ने भीम मंदिर क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
प्रारंभिक खोज में बिनोद का कोई सुराग नहीं मिला। स्थिति को देखते हुए गरबांधा पुलिस से मदद ली गई और रामगिरी रेंज के पुलिस और फॉरेस्ट अधिकारियों ने देर रात तक सर्च ऑपरेशन जारी रखा।
आखिरकार सोमवार सुबह भीम मंदिर जाने वाले रास्ते से बिनोद की बॉडी बरामद हुई। अधिकारियों का कहना है कि बिनोद की मौत तूफान के दौरान बिजली गिरने की वजह से हुई हो सकती है, लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट होगा।
स्थानीय प्रशासन ने ग्रुप के अन्य सदस्यों और परिवार को घटना की सूचना दी। मृतक बिनोद के परिवार में शोक की लहर है। प्रशासन और पुलिस ने दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए सभी पर्यटकों और ट्रेकिंग करने वालों को चेतावनी दी है कि मौसम खराब होने पर पहाड़ी इलाकों में ट्रेकिंग और यात्रा से बचें।
यह घटना महेंद्रगिरी पहाड़ी क्षेत्र में मौसम की अप्रत्याशित परिस्थितियों और सुरक्षा उपायों की अनदेखी का उदाहरण है। अधिकारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में इस तरह के क्षेत्रों में ट्रेकिंग और पर्यटन गतिविधियों पर विशेष ध्यान रखा जाएगा और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य किया जाएगा।
इस हादसे ने स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग के लिए भी सतर्कता बढ़ाने का संदेश दिया है ताकि भविष्य में किसी भी पर्यटक की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।





