
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने स्कूली छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। स्कूल और जन शिक्षा विभाग ने छात्रों के लिए दुर्घटना से जुड़ी अनुग्रह राशि (Ex-gratia) देने की नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इसके तहत दुर्घटना में छात्र की मौत, स्थायी विकलांगता और गंभीर चोट लगने की स्थिति में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
विभाग की ओर से 3 सितंबर, 2026 को जारी की गई नई गाइडलाइंस सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के साथ-साथ ओडिशा आदर्श विद्यालय (OAVs) और ओडिशा मॉडल आदर्श विद्यालय (OMAVs) पर लागू होंगी।
यह योजना शिशु वाटिका से लेकर कक्षा 12 तक पढ़ने वाले सभी पात्र छात्रों के लिए लागू होगी। सरकार का उद्देश्य दुर्घटना की स्थिति में प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
मौत और स्थायी विकलांगता पर मिलेगी 2 लाख रुपये की सहायता
नई गाइडलाइंस के अनुसार, यदि किसी पात्र छात्र की दुर्घटना में मौत हो जाती है या वह स्थायी रूप से विकलांग हो जाता है, तो उसे 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
सरकार ने यह कदम उन परिवारों की आर्थिक परेशानी को कम करने के उद्देश्य से उठाया है, जो दुर्घटना के बाद अचानक गंभीर संकट का सामना करते हैं।
स्थायी विकलांगता की स्थिति में छात्र को आगे की पढ़ाई और जीवन से जुड़ी चुनौतियों के लिए आर्थिक मदद मिल सकेगी।
गंभीर चोट पर परिवहन सहायता
नई व्यवस्था में गंभीर रूप से घायल छात्रों के लिए भी प्रावधान किया गया है। यदि किसी छात्र को दुर्घटना के बाद बेहतर इलाज के लिए अपने जिले से बाहर जाना पड़ता है, तो उसे परिवहन सहायता के रूप में 30 हजार रुपये तक की राशि दी जाएगी।
इस सहायता का उद्देश्य छात्रों और उनके परिवारों पर इलाज के दौरान आने वाले अतिरिक्त खर्च का बोझ कम करना है।
सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के छात्र होंगे लाभार्थी
स्कूल और जन शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि यह योजना सभी सरकारी स्कूलों, सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों और राज्य सरकार के विशेष विद्यालयों में लागू होगी।
इसके तहत ओडिशा आदर्श विद्यालय और ओडिशा मॉडल आदर्श विद्यालयों के छात्र भी शामिल होंगे।
शिशु वाटिका से लेकर 12वीं कक्षा तक पढ़ने वाले छात्र इस योजना के दायरे में आएंगे।
दुर्घटनाओं में छात्रों की सुरक्षा पर जोर
स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। बच्चों के साथ होने वाली दुर्घटनाओं के बाद परिवारों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
कई बार इलाज का खर्च, पढ़ाई में बाधा और परिवार की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ता है। ऐसे मामलों में सरकार की यह सहायता योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
आवेदन और प्रक्रिया को लेकर निर्देश
विभाग ने नई गाइडलाइंस में अनुग्रह राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को भी स्पष्ट किया है। स्कूल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि दुर्घटना की जानकारी मिलने पर आवश्यक कार्रवाई जल्द पूरी की जाए।
इससे प्रभावित छात्रों या उनके परिवारों को सहायता मिलने में देरी न हो।
हालांकि, राशि जारी करने के लिए दुर्घटना से जुड़े जरूरी दस्तावेज और सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
स्कूल प्रशासन की बढ़ेगी जिम्मेदारी
नई गाइडलाइंस के बाद स्कूल प्रशासन की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। स्कूलों को छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देने के साथ-साथ किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों को जानकारी देनी होगी।
अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि पात्र छात्रों को योजना का लाभ समय पर मिल सके।
परिवारों को मिलेगी बड़ी राहत
शिक्षा विभाग के इस फैसले से छात्रों और अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है। दुर्घटना जैसी अप्रत्याशित घटनाओं में आर्थिक सहायता परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
सरकार का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
ओडिशा स्कूल और जन शिक्षा विभाग की नई गाइडलाइंस लागू होने के बाद अब राज्य के लाखों छात्रों को दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा कवच मिलेगा। मौत या स्थायी विकलांगता के मामलों में 2 लाख रुपये और गंभीर इलाज के लिए परिवहन सहायता का प्रावधान छात्रों के हित में एक अहम पहल माना जा रहा है।





