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Odisha ओडिशा: ओडिशा सरकार ने एक महीने तक चलने वाले घर-घर सर्वेक्षण के माध्यम से दिव्यांग बच्चों की पहचान के लिए एक बड़ी पहल शुरू की है। दिव्यांगजन सामाजिक सुरक्षा एवं अधिकारिता विभाग ने इस प्रक्रिया को सुचारू और सटीक ढंग से पूरा करने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं।
उनके प्रयासों को मान्यता देने और उनकी पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, प्रत्येक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह पहल विशेष देखभाल की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए शीघ्र पहचान, समय पर हस्तक्षेप और बेहतर सेवा प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। यह सर्वेक्षण राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और दिव्यांगजन अधिकार (आरपीडब्ल्यूडी) अधिनियम 2016 के अनुरूप तैयार किया गया है। इस प्रक्रिया के दौरान पहचाने गए बच्चों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा, जिनमें दिव्यांगजनों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सहायता कार्यक्रम शामिल हैं।
गुणवत्ता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी
वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर सर्वेक्षण की निगरानी करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह प्रभावी और पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है। उनकी निगरानी का उद्देश्य डेटा की सटीकता बनाए रखना है, जो नीति नियोजन के लिए महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष
यह महीने भर चलने वाली पहल एक समावेशी भविष्य के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बच्चों की शीघ्र पहचान करके और उन्हें आवश्यक सहायता प्रणालियों से जोड़कर, राज्य का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सशक्तिकरण और समान अवसर की यात्रा में कोई भी बच्चा पीछे न छूटे।
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