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ओडिशा में बारिश से फसल नुकसान का होगा सर्वे

Kavita2
7 July 2026 9:40 AM IST
ओडिशा में बारिश से फसल नुकसान का होगा सर्वे
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Odisha ओडिशा: हाल ही में हुई भारी बारिश से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने संबंधित अधिकारियों को बारिश के कारण हुए फसल नुकसान का तत्काल सर्वे करने और नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने सोमवार को कहा कि सभी जिला प्रशासन को जल्द से जल्द प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे पूरा करने और विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद सरकार प्रभावित किसानों को जल्द राहत उपलब्ध कराएगी।

मंत्री ने दावा किया कि राज्य सरकार नुकसान का आकलन पूरा होने के 24 घंटे के भीतर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर देगी।

भारी बारिश से फसलों को नुकसान की आशंका

ओडिशा के कई हिस्सों में हाल के दिनों में हुई भारी बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है। इससे खरीफ फसलों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

कई इलाकों में लगातार बारिश के कारण निचले खेतों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। किसानों को धान समेत अन्य फसलों के खराब होने का डर सता रहा है।

सरकार ने कहा है कि वास्तविक नुकसान का पता लगाने के लिए जमीनी स्तर पर सर्वे जरूरी है। इसके बाद ही प्रभावित किसानों की संख्या और नुकसान की सही जानकारी सामने आ सकेगी।

जिला प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में जाकर खेतों की स्थिति, फसल नुकसान और किसानों की समस्याओं का आकलन करेंगी।

बैतरणी नदी के जलस्तर को लेकर हाईलेवल बैठक

राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने बैतरणी नदी में बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसमें बैतरणी नदी के मौजूदा जलस्तर, संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और प्रशासन की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बैठक में बाढ़ की स्थिति को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई।

इनमें संभावित प्रभावित क्षेत्रों की पहचान, वहां रहने वाली आबादी, राहत एवं बचाव व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा शामिल थी।

राहत और बचाव व्यवस्था की समीक्षा

बैठक के दौरान जिला प्रशासन द्वारा किए गए तैयारियों के उपायों की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों से पूछा गया कि बाढ़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं।

इसके अलावा राहत शिविरों यानी शेल्टर होम की व्यवस्था, वहां उपलब्ध सुविधाएं और प्रभावित लोगों के लिए जरूरी सामग्री की उपलब्धता पर भी चर्चा की गई।

सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।

बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ और अन्य राहत टीमों की तैनाती की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों पर नजर

बैतरणी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन उन क्षेत्रों पर विशेष नजर रख रहा है, जहां बाढ़ का खतरा अधिक हो सकता है।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में लगातार निगरानी रखें।

स्थानीय प्रशासन को लोगों को समय पर चेतावनी देने और आवश्यक होने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

सरकार का कहना है कि आपदा की स्थिति में सबसे पहले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता होगी।

किसानों को राहत देने की तैयारी

राज्य सरकार ने साफ किया है कि किसानों को राहत पहुंचाने में देरी नहीं की जाएगी। सर्वे पूरा होने के बाद नुकसान के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सर्वे प्रक्रिया में पारदर्शिता रखी जाए और वास्तविक प्रभावित किसानों तक सहायता पहुंचाई जाए।

किसानों की समस्याओं को देखते हुए सरकार ने जिला स्तर पर प्रशासन को सक्रिय रहने को कहा है।

आपदा प्रबंधन को लेकर सतर्क प्रशासन

ओडिशा में हर साल मानसून के दौरान बाढ़ और जलभराव की स्थिति सामने आती है। इसे देखते हुए राज्य सरकार पहले से ही आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर जोर देती है।

इस बार भी भारी बारिश के बाद प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

राजस्व विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस और राहत एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया है।

सरकार का दावा- प्रभावितों तक जल्द पहुंचेगी मदद

राजस्व मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रभावित किसानों और आम लोगों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि नुकसान का सही आकलन होने के बाद मुआवजा वितरण में तेजी लाई जाएगी।

फिलहाल जिला प्रशासन को सर्वे कार्य पूरा करने के निर्देश दे दिए गए हैं। आने वाले दिनों में बारिश और नदी के जलस्तर की स्थिति के आधार पर आगे के कदम उठाए जाएंगे।

ओडिशा सरकार का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

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