
Odisha ओडिशा: केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने देश में बड़ी बिल्लियों के संरक्षण को बढ़ावा देने और भारत की वैश्विक नेतृत्व भूमिका को प्रदर्शित करने के लिए एक विशेष थीम आधारित कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित करने की घोषणा की है। यह पहल इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए की जा रही है।
मंत्रालय के अनुसार, इन कार्यक्रमों का मुख्य फोकस भारत में पाई जाने वाली पांच प्रमुख जंगली बड़ी बिल्लियों—बाघ, एशियाई शेर, तेंदुआ, स्नो लेपर्ड और चीता—के संरक्षण प्रयासों पर रहेगा। इन आयोजनों के जरिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा किए गए संरक्षण कार्यों, उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं को सामने लाया जाएगा।
यह थीम आधारित कार्यक्रम देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित किए जाएंगे, जिनमें गुजरात का गिर, मध्य प्रदेश का भोपाल, ओडिशा का भुवनेश्वर, सिक्किम का गंगटोक और महाराष्ट्र का चंद्रपुर शामिल हैं। प्रत्येक स्थान पर किसी विशेष प्रजाति के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
गिर में आयोजित कार्यक्रम में एशियाई शेर के संरक्षण प्रयासों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा, जबकि भोपाल में होने वाले कार्यक्रम में चीता संरक्षण पर केंद्रित गतिविधियां शामिल होंगी। मंत्रालय ने बताया कि भुवनेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में तेंदुआ संरक्षण से जुड़े प्रयासों और उपलब्धियों को सामने रखा जाएगा।
इसके अलावा, मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि भुवनेश्वर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इंटरनेशनल डे फॉर बायोलॉजिकल डायवर्सिटी भी मनाया जाएगा, जिससे जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूकता को और बढ़ावा मिलेगा।
इन आयोजनों का उद्देश्य न केवल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है, बल्कि विभिन्न राज्यों में चल रही परियोजनाओं के अनुभवों को साझा करना भी है। इससे संरक्षण प्रयासों में बेहतर समन्वय और प्रभावशीलता आने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि इस तरह की पहल से देश में वन्यजीव संरक्षण को नई गति मिलेगी और भारत वैश्विक स्तर पर बिग कैट संरक्षण के क्षेत्र में अपनी मजबूत भूमिका को और सुदृढ़ कर सकेगा।





