
भुवनेश्वर: राज्य सरकार ने केंद्र से दाल प्रदर्शन कार्यक्रम के लिए आवंटित राशि को 24.74 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये करने का अनुरोध किया है, ताकि दो लाख हेक्टेयर क्षेत्र को इसके दायरे में लाया जा सके।
सरकार ने शुक्रवार को नई दिल्ली में खरीफ पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान केंद्र को एक ज्ञापन सौंपा। सरकार ने कृषि मंत्रालय से डिजिटल फसल सर्वेक्षण की वार्षिक कार्ययोजना के लिए 80.5 करोड़ रुपये मंजूर करने का भी आग्रह किया, जिसमें से 42.75 करोड़ रुपये पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं।
केंद्र से बोरवेल पर मिलने वाली सब्सिडी को बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने, हाथियों के उत्पात से बचाव के लिए कंटीले तारों की बाड़ लगाने का प्रावधान करने और अदरक व हल्दी जैसे मसालों की खेती के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर करने का अनुरोध किया गया। उपमुख्यमंत्री के.वी. सिंह देव ने कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ इस सम्मेलन में भाग लिया। सिंह देव ने बताया कि 2025-26 में ओडिशा के कृषि क्षेत्र ने 5.3 प्रतिशत की प्रभावशाली दर से विकास किया है, जो कि 3.1 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है। यह गति 150 लाख टन से अधिक खाद्यान्न और 156 लाख टन बागवानी उत्पादों की बंपर पैदावार के दम पर हासिल की गई है।





